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बालासोर रेल दुर्घटना:- 9 फरवरी को ही पता चल गया था हो सकता है हादसा

बालासोर (ओडिशा):- कोरोमडंल रेल दुर्घटना का प्रथम दृष्टया कारण सामने आ गया है। रेलवे की प्राथमिक जांच में इंटरलॉक और सिग्नल सिस्टम के फेल होने का कारण माना जा रहा है। ओडिशा ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना: “9 फरवरी को, रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक रिपोर्ट में लिखा था कि सिग्नल की इंटर-लॉकिंग प्रणाली को बनाए रखने की आवश्यकता है, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट का संज्ञान नहीं लिया,” कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल का दावा है। उन्होंने बताया कि पत्र में लिखा गया कि इंटरलॉकिंग प्रणाली को बनाए रखने के साथ-साथ सिग्नल की प्रक्रिया को भी बनाए रखना अनिवार्य है। अन्यथा की स्थिति में बड़ा रेल हादसा होगा।

नेता रणदीप सुरजेवाला ने ओडिशा के बालेश्वर में हुए भयानक रेल हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तक 288 लोगों की जान जा चुकी है और 56 लोग जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।

कोरोमडंल रेल दुर्घटना का प्रथम दृष्टया कारण सामने आ गया है। रेलवे की प्राथमिक जांच में इंटरलॉक और सिग्नल सिस्टम के फेल होने का कारण माना जा रहा है। पांच रेल अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 12841 कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन को पहले अपलाइन सिग्नल दे दिया गया फिर वापस ले लिया गया। इसी दौरान यह अप लाइन पर जाने के बजाय लूपलाइन पर जाकर खड़ी मालगाड़ी पर चढ़ गई। इसके 21 कोच पटरी से उतर गए। प्वाइंट 17 ए लूपलाइन के लिए सेट पाया गया।

 

इसी समय 12864 बंगलूरू-हावड़ा सुपरफास्ट ट्रेन यहां के तीसरी लाइन गुजर रही थी और इसके अंतिम तीन कोच से कोरोमंडल एक्सप्रेस के कोच से आकर टकरा गए। सबसे बड़ी बात यह है कि जांच में यह पाया गया है कि अपलाइन के सभी प्वाइंट सामान्य स्थिति में पाए गए। कोई भी प्वाइंट डैमेज नहीं हुआ था। सिग्नल अपलाइन का था लेकिन रेलवे पटरी की इंटरलाकिंग लूप लाइन पर थी और मानिटर पर इंटरलाकिंग अपलाइन के लिए ही दिखा रहा था। यही दुर्घटना का कारण बन गया।

 

7 फरवरी को भी हुई थी ऐसी ही गड़बड़ी

7 फरवरी 2023 को भी हुबहू हुई थी ऐसी घटना हुई थी लेकिन रेलवे ने इससे शायद सीख नहीं ली। दक्षिण पश्चिम रेलवे में इसी तरह की घटना होशदुर्गा स्टेशन के पास हुई थी लेकिन चालक की सतर्कता की वजह से यह घटना दुर्घटना में तब्दील होने से बच गई। 19649 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को भी इसी तरह से 7 फरवरी 2023 को सिग्नल मिला था लेकिन चालक ने भांप लिया कि सिग्नल तो मिला है लेकिन ट्रेन प्वाइंट नंबर 65 ए से लूप लाइन में जा रही है और फिर तत्काल रोक दिया। तत्कालीन पीसीओएम हरिशंकर वर्मा ने इसकी पूरी जांच करके इंटरलाकिंग और सिग्नल सिस्टम को सही करने का निर्देश जारी किया था।

 

 

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