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US संसद में पहली बार होगा हिन्दू अमेरिकी शिखर सम्मेलन का आयोजन

नई दिल्ली :- अमेरिकी संसद में 14 जून को पहला हिंदू-अमेरिकी शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य हिन्दू समुदायों की चिंताओं को उठाना है। इस कार्यक्रम को यूएस हाउस स्पीकर केविन मैक्कार्थी संबोधित करेंगे। पहले हिंदू-अमेरिकी शिखर सम्मेलन के आयोजक अमेरिकन्स फॉर हिंदू पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ने कहा कि देश भर के प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकियों का एक समूह यूएस कैपिटल में राजनीतिक जुड़ाव के लिए इकठ्ठा होंगे।

आयोजकों के मुताबिक इस सम्मेलन के लिए देश भर से लगभग 130 भारतीय अमेरिकी नेता समेत फ्लोरिडा, न्यूयॉर्क, बोस्टन, टेक्सास, शिकागो और कैलिफोर्निया से लोग यूएस कैपिटल में इक्टठा होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर अमेरिका में हिन्दू समुदाय बेहद उत्साहित नजर आ रहा है।

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रोमेश जापरा ने इस कार्यक्रम की उपयोगिता को लेकर कहा कि अमेरिकी हिंदू देशभर में अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से वे अभी भी बहुत पीछे हैं। उन्होंने कहा कि वे कैलिफोर्निया से हैं जहां दुर्भाग्य से जाति आधारित भेदभाव को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

रोमेश जापरा ने आरोप लगाया कि इक्वैलिटी लैब्स और केयर जैसे संगठन हिन्दू धर्म को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। जापरा ने कहा कि ये संगठन हिन्दू गतिविधियों के पीछे पड़े हुए हैं।

ऐसे में ये मुफीद वक्त है जब हिंदू अमेरिकियों, सभी हिन्दू नेताओं, संगठनों के सभी कार्यकारी प्रमुखों को एकजुट होना चाहिए, और कैपिटल हिल पर यहां आना चाहिए और हमारे मामले को आगे बढ़ाना चाहिए।

रोमेश जापरा ने कहा कि स्पीकर मैककार्थी के साथ-साथ डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के कई अन्य सांसदों के शिखर सम्मेलन को संबोधित करने की उम्मीद है।

डॉ जापरा ने कहा कि समुदाय प्रतिनिधि सभा में अमेरिकी हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए काम करने वाले सांसदों का पहला हिंदू कॉकस बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

रोमेश जापरा ने कहा, हमारा संगठन उन नेताओं के लिए समर्थन और धन जुटाएगा जो हिंदू सिद्धांतों और मूल्यों से सहमत हैं और समुदाय की मदद करने और हिंदू भय, हिंदू नफरत और आप्रवासन की चिंताओं के बारे में बात करने को तैयार हैं।

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