Fresh Row इंदौर:-इंदौर में जल प्रदूषण की घटना के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा और मेयर पुष्यमित्र भार्गव की आरएसएस कार्यालय में बैठक ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक तटस्थता का उल्लंघन बताया है जबकि भाजपा इसे एक शिष्टाचार भेंट बता रही है ।
कलेक्टर और मेयर की इस बैठक पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जितू पटवारी ने कहा, “जब इंदौर के नल से जहर बह रहा है, जब निर्दोष नागरिकों की मौत हो रही है, तब कलेक्टर को अस्पतालों में होना चाहिए, पीड़ित परिवारों के साथ होना चाहिए लेकिन वे आरएसएस कार्यालय में हैं” पटवारी ने कलेक्टर को ‘भाजपा कार्यकर्ता’ बताया और कहा कि वे प्रशासनिक अधिकारी के रूप में काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कलेक्टर को अपने कार्यालय में होना चाहिए, मुख्य सचिव से मिलना चाहिए, मंत्रियों और अधिकारियों से चर्चा करनी चाहिए, लेकिन वे आरएसएस कार्यालय में हैं”।
दूसरी ओर भाजपा ने इस बैठक को एक शिष्टाचार भेंट बताया है। भाजपा प्रवक्ता शिवम शुक्ला ने कहा, “यह एक शिष्टाचार भेंट थी, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अधिकारी लोगों से मिल सकते हैं” इस बीच इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में जल प्रदूषण से मरने वालों की संख्या को लेकर विवाद जारी है। सरकार ने 8 मौतों की पुष्टि की है जबकि कांग्रेस ने 20 मौतों का दावा किया है।