Western Powers रूस:- रूस ने कहा है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का क्षेत्र है और पश्चिमी शक्तियों की दोहरी नीति की आलोचना की है जो रूस और चीन को ग्रीनलैंड के लिए खतरा बताती हैं। रूस का कहना है कि पश्चिमी शक्तियां अपने हितों के लिए ग्रीनलैंड को लेकर झूठी खबरें फैला रही हैं रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ग्रीनलैंड की स्थिति ने पश्चिमी शक्तियों की दोहरी नीति को उजागर किया है। रूस का कहना है कि पश्चिमी शक्तियां ग्रीनलैंड को लेकर रूस और चीन पर झूठे आरोप लगा रही हैं जबकि वास्तव में ग्रीनलैंड डेनमार्क का क्षेत्र है।
इस बीच, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने अमेरिका के साथ ग्रीनलैंड के भविष्य पर चर्चा की है। डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि ग्रीनलैंड के लोग डेनमार्क के साथ रहना चाहते हैं और अमेरिका के साथ किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं रूस ने कहा है कि वह ग्रीनलैंड के मामले में डेनमार्क का समर्थन करता है और पश्चिमी शक्तियों की दोहरी नीति की आलोचना करता है। रूस का कहना है कि ग्रीनलैंड की स्थिति ने दिखाया है कि पश्चिमी शक्तियां अपने हितों के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।
क्या है ग्रीनलैंड का महत्व?
ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और इसमें खनिज संसाधनों की बहुतायत है। यह द्वीप आर्कटिक क्षेत्र में स्थित है और इसका रणनीतिक हत्व है। अमेरिका ने ग्रीनलैंड को खरीदने की कोशिश की है लेकिन डेनमार्क ने इसे बेचने से इनकार कर दिया है।
रूस की भूमिका
रूस ने कहा है कि वह ग्रीनलैंड के मामले में डेनमार्क का समर्थन करता है और पश्चिमी शक्तियों की दोहरी नीति की आलोचना करता है। रूस का कहना है कि ग्रीनलैंड की स्थिति ने दिखाया है कि पश्चिमी शक्तियां अपने हितों के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।
अमेरिका की भूमिका
अमेरिका ने ग्रीनलैंड को खरीदने की कोशिश की है, लेकिन डेनमार्क ने इसे बेचने से इनकार कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि ग्रीनलैंड का रणनीतिक महत्व है और इसे खरीदने से अमेरिका की सुरक्षा बढ़ेगी।
डेनमार्क की भूमिका
डेनमार्क ने ग्रीनलैंड को बेचने से इनकार कर दिया है और कहा है कि ग्रीनलैंड के लोग डेनमार्क के साथ रहना चाहते हैं। डेनमार्क का कहना है कि ग्रीनलैंड का भविष्य डेनमार्क के साथ है और अमेरिका के साथ किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है।