नई दिल्ली :- भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और यह बात एक बार फिर साबित हुई है। महज तेरह साल की उम्र में एक भारतीय बच्चे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की कंपनी खड़ी कर दी है जिसकी वैल्यूएशन आज करीब बारह करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह सफलता सिर्फ एक स्टार्टअप की नहीं बल्कि उस नई सोच की है जो कम उम्र में भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखती है।
इस एआई कंपनी ने कम समय में ही टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी ने ऐसे स्मार्ट एआई टूल्स विकसित किए हैं जो बिजनेस ऑटोमेशन डेटा एनालिसिस और डिजिटल सॉल्यूशंस में मदद करते हैं। खास बात यह है कि इन प्रोडक्ट्स को कई छोटे और मझोले कारोबार अपनाने लगे हैं जिससे कंपनी की ग्रोथ तेजी से हुई है।
इस असाधारण सफलता पर बोट कंपनी के सीईओ अमन गुप्ता भी खुद को तारीफ करने से नहीं रोक पाए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि आखिर इस बच्चे को क्या खाकर पैदा किया है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोग इस युवा उद्यमी की जमकर सराहना करने लगे। कई लोगों ने इसे भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस कहानी के पीछे मेहनत सीखने की ललक और टेक्नोलॉजी के प्रति गहरी समझ है। कम उम्र होने के बावजूद इस युवा फाउंडर ने कोडिंग मशीन लर्निंग और बिजनेस मॉडल पर लगातार काम किया। परिवार और मेंटर्स का सहयोग भी इस सफर में अहम रहा जिन्होंने सही दिशा दिखाने में मदद की।
आज यह सफलता उन लाखों बच्चों के लिए मिसाल बन चुकी है जो टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं। यह कहानी बताती है कि उम्र केवल एक संख्या है अगर सोच बड़ी हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है। आने वाले समय में यह एआई कंपनी और इसका युवा संस्थापक भारत का नाम वैश्विक मंच पर और ऊंचा कर सकते हैं।