वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत 60 देशों पर नए आयात शुल्क (Tariff) लगाने का फैसला अब कानूनी विवाद में फंस गया है। 25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में मुकदमा दायर कर इन टैरिफ को अवैध बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
राज्यों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने पहले अदालतों द्वारा खारिज किए जा चुके व्यापक टैरिफ को नए कानूनी प्रावधानों के जरिए दोबारा लागू करने की कोशिश की है। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों का दायरा पार करते हुए ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका असर अमेरिकी कारोबार, उद्योग और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारत सहित कई व्यापारिक साझेदार देशों पर 10% से 12.5% तक नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। प्रशासन का दावा है कि यह कदम वैश्विक सप्लाई चेन में फोर्स्ड लेबर (जबरन श्रम) के इस्तेमाल को रोकने और अमेरिकी उद्योगों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
हालांकि, मुकदमा दायर करने वाले राज्यों का कहना है कि यह फैसला अमेरिकी कानून और पूर्व न्यायिक आदेशों के खिलाफ है। यदि अदालत ने राज्यों के पक्ष में फैसला दिया तो ट्रंप प्रशासन को टैरिफ वापस लेने और पहले से वसूले गए शुल्क लौटाने तक का सामना करना पड़ सकता है।
इस मामले को ट्रंप की व्यापार नीति के लिए बड़ी कानूनी चुनौती माना जा रहा है। इसका असर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।