जालौन। महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा के लिए गठित एंटी रोमियो सेल की सक्रियता को लेकर नगर में सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की ओर से चौराहों पर अभियान चलाकर कार्रवाई और जागरूकता कार्यक्रम किए जाते हैं, लेकिन स्कूलों की छुट्टी के समय छात्राओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर नियमित पुलिस पिकेट की मौजूदगी अधिक प्रभावी कदम हो सकता है।
नगर के चुर्खी रोड पर कई विद्यालय संचालित हैं। स्कूलों की छुट्टी के समय बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की आवाजाही होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी दौरान मार्ग और आसपास के प्रमुख चौराहों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं देती। इससे छात्राओं और उनके अभिभावकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
स्कूल टाइम पर निगरानी की जरूरत
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एंटी रोमियो टीम की कार्रवाई केवल अभियान और जागरूकता गतिविधियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विद्यालय खुलने और छुट्टी होने के समय संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी और पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विशेष रूप से चुर्खी रोड और प्रमुख विद्यालयों के आसपास पुलिस पिकेट तैनात होने से असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा सकती है और छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सकता है।
चौराहों पर पुलिस तैनाती की मांग
नागरिकों ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की छुट्टी के समय प्रमुख चौराहों और विद्यालयों के आसपास नियमित पुलिस बल की तैनाती की जाए।
लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी से न केवल छात्राओं और अभिभावकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि मनचलों और असामाजिक तत्वों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि एंटी रोमियो अभियान को और प्रभावी बनाते हुए स्कूल टाइम में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।