Flood Safety टिप्स (पटना)- बिहार में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। ऐसे हालात में घबराने के बजाय सतर्क रहना और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। बाढ़ के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए बाढ़ से पहले तैयारी, बाढ़ के दौरान सावधानी और पानी उतरने के बाद सुरक्षा उपायों की जानकारी हर परिवार के लिए जरूरी है।
जानकारी के मुताबिक बिहार के 12 जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल—के कई प्रखंडों और ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर बताया गया है। गंगा और पुनपुन समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण निचले इलाकों में खतरा बना हुआ है।

बाढ़ आने से पहले क्या करें?
सबसे पहले मोबाइल फोन चार्ज रखें और जरूरी नंबर सुरक्षित कर लें। टीवी, रेडियो और प्रशासनिक संदेशों से लगातार अपडेट लेते रहें और अफवाहों पर भरोसा न करें। जरूरी दस्तावेज, पहचान पत्र और कीमती सामान वाटरप्रूफ बैग में रखें। परिवार के साथ नजदीकी सुरक्षित स्थान, ऊंचे इलाके और राहत शिविर तक पहुंचने का रास्ता पहले से पता कर लें।
घर में कम से कम कुछ दिनों का सूखा और तैयार भोजन, पीने का सुरक्षित पानी, दवाइयां, टॉर्च, जरूरी कपड़े और प्राथमिक उपचार का सामान रखें। पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी करें। तटबंध या जल निकासी से जुड़ी किसी समस्या की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।
बाढ़ के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
बाढ़ का पानी कितना गहरा है, इसका अंदाजा लगाकर उसमें पैदल चलने या वाहन चलाने की कोशिश न करें। खुले नाले, मैनहोल, पुलिया और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें। बिजली के खंभों और गिरी हुई बिजली की तारों से बिल्कुल दूर रहें। पानी में फंसे होने पर प्रशासन की ओर से उपलब्ध सुरक्षित नाव या एसडीआरएफ की मोटरबोट का ही इस्तेमाल करें। पीने के लिए केवल उबला या क्लोरीनयुक्त पानी इस्तेमाल करें और भोजन को ढककर रखें। बाढ़ के पानी में दूषित होने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। बच्चों को पानी के आसपास जाने से रोकें।

घर खाली करते समय क्या करें?
यदि प्रशासन घर खाली करने का निर्देश देता है तो देरी न करें। बिजली और गैस कनेक्शन बंद करें और जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, चार्जर, प्राथमिक उपचार किट तथा जरूरी सामान साथ लेकर सुरक्षित ऊंचे स्थान पर जाएं। गहरे या अनजान पानी में जाने से बचें। आपात स्थिति में बिहार बाढ़ हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। स्थानीय सीओ, प्रखंड नियंत्रण कक्ष या जिला प्रशासन को भी तत्काल सूचना दें।
बाढ़ के बाद भी सावधानी जरूरी
पानी उतरने के बाद भी खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। टूटे बिजली के तार, क्षतिग्रस्त सड़कें, खुले मैनहोल और मलबे से बचें। गीले बिजली उपकरणों को न छुएं और इस्तेमाल से पहले उनकी जांच कराएं। बाढ़ के पानी के संपर्क में आया भोजन न खाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और आसपास सफाई रखें। घर में वापस तभी जाएं जब प्रशासन इसकी अनुमति दे। बाढ़ जैसी आपदा में सबसे जरूरी है कि घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। थोड़ी-सी तैयारी और सावधानी परिवार को बड़े खतरे से बचा सकती है।