तेलंगाना (हैदराबाद):- देश में ब्लड बैंक व्यवस्था पर उस वक्त सवाल खड़े हो गए जब एक छापेमारी के दौरान इंसानी ब्लड बैग में हजार लीटर बकरी का खून मिलने का दावा सामने आया। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही यह आशंका गहराने लगी कि जरूरतमंद मरीजों की जिंदगी के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार प्रशासन को लंबे समय से एक संदिग्ध ब्लड सप्लाई नेटवर्क की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई उसने सभी को चौंका दिया। कई ब्लड बैग ऐसे पाए गए जिन पर इंसानी खून का लेबल लगा था लेकिन लैब जांच में उनमें बकरी का खून होने की बात सामने आई।
अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में करीब हजार लीटर तक खून का संदिग्ध स्टॉक मिलने की बात सामने आई है। यह खून किन अस्पतालों या मरीजों तक पहुंचा इसकी जांच की जा रही है। अगर यह खून मरीजों को चढ़ाया गया होगा तो इसके गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में बकरी का खून इंसानी ब्लड बैग में कैसे भरा गया और जांच व्यवस्था कहां विफल रही। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और ब्लड बैंक के लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने संबंधित ब्लड बैंक को सील कर दिया है और पूरे नेटवर्क की जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि मामला किस इलाके से जुड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य व्यवस्था में भरोसे की नींव को हिला देने वाला माना जा रहा है।