Plea challenges नई दिल्ली:- यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि ये नियम केवल एससी/एसटी/ओबीसी वर्गों के लिए आरक्षण प्रदान करते हैं जबकि सामान्य वर्ग के लोगों को इससे वंचित किया जा रहा है याचिकाकर्ता विनीत जिंदल ने कहा कि यूजीसी के नए नियम, जो 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित किए गए थे, असंवैधानिक हैं और संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) और 21 का उल्लंघन करते हैं। याचिका में कहा गया है कि नियमों में जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा केवल एससी/एसटी/ओबीसी वर्गों के लिए है जबकि सामान्य वर्ग के लोगों को भी भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट यूजीसी नियमों के प्रावधान 3(सी) को लागू करने पर रोक लगाए और सभी जातियों के लिए समान अवसर प्रदान करने के लिए नए नियम बनाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि नियमों में झूठी शिकायतों के लिए कोई प्रावधान नहीं है जिससे इसका दुरुपयोग हो सकता है इस बीच यूजीसी ने कहा है कि नए नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को रोकने के लिए हैं और इसका उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाना नहीं है। यूजीसी ने यह भी कहा है कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों से परामर्श किया गया था।