Budget 2026 दिल्ली:- केंद्रीय बजट 2026-27 ने आर्थिक विकास को समावेशी बनाने पर खास जोर दिया है। सरकार का फोकस गरीबों, महिलाओं, रेल यात्रियों और छोटे उद्यमियों जैसे अहम वर्गों पर रहा है। बजट के जरिए स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और उद्यमिता को मजबूती देने की कोशिश की गई है, ताकि बदलते वैश्विक हालात और घरेलू चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सके।
मुख्य घोषणाएं:
– MSME ग्रोथ फंड: छोटे कारोबारियों को मजबूती देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड बनाया जाएगा, जिससे भविष्य के बड़े उद्यम और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
– सीमार्ट: उद्यमी महिलाओं के लिए ‘सीमार्ट’ की स्थापना की जाएगी, जिससे महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
– ट्रॉमा सेंटर: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए सरकार ने देश के 50 पर्सेंट अस्पतालों में आपातकालीन ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद सड़क हादसों और गंभीर बीमारियों के मामलों में समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।
– कार्बन कैप्चर: पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी समेत सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है।
– कर छूट: मध्य वर्ग और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सरकार ने क्लेम सेटलमेंट पर मिलने वाले ब्याज को भी टैक्स फ्री कर दिया है।
बजट के प्रमुख बिंदु:
– राजकोषीय घाटा 2026-27 में जीडीपी का 4.3 फीसदी रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के लिए अनुमानित 4.4 फीसदी से कम है।
– सकल जीएसटी राजस्व में 13.5 फीसदी की गिरावट का अनुमान है।
– पूंजीगत खर्च 2026-27 में बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो जीडीपी का 4.4 फीसदी होगा।
– सरकार ने व्यक्तियों या कंपनियों के लिए करों में कोई बड़ी कटौती का एलान नहीं किया है।
बजट का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
बजट 2026-27 को विश्वसनीय और सराहनीय माना जा रहा है। बजट में विकास के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है जिससे अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में कुछ क्षेत्रों को और अधिक समर्थन देने की जरूरत थी।