मध्य पूर्व में जंग का असर: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का सीधा असर अब भारत की एविएशन इंडस्ट्री पर दिखाई दे रहा है। हवाई क्षेत्र में बढ़ते खतरे और कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रूट बदलना पड़ा है। इसका नतीजा यह हुआ कि किरायों में भारी उछाल आ गया है और सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।
जानकारी के मुताबिक, लंदन से मुंबई जैसे व्यस्त रूटों पर किराया कई गुना बढ़ गया है। इकॉनमी क्लास का किराया जहां सामान्य दिनों में काफी कम रहता था, वहीं अब यह करीब 2.9 लाख रुपये तक पहुंच गया है। बिजनेस क्लास के टिकट 9 लाख रुपये तक बिक रहे हैं। यात्रियों को न सिर्फ महंगे टिकट का सामना करना पड़ रहा है बल्कि अचानक कैंसिलेशन और लंबी देरी की समस्या भी झेलनी पड़ रही है।
एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में तनाव के चलते विमानों को वैकल्पिक और लंबे मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे ईंधन की खपत बढ़ी है और परिचालन लागत में इजाफा हुआ है। सुरक्षा कारणों से अब तक 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। इससे खासकर यूरोप और खाड़ी देशों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी परेशानी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो टिकट की कीमतें और बढ़ सकती हैं। एयरस्पेस बंद होने से उड़ानों का समय बढ़ रहा है और कई एयरलाइंस को अपने शेड्यूल में बड़े बदलाव करने पड़ रहे हैं।
भारत से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासी और यूरोप जाने वाले यात्री इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ट्रैवल एजेंसियां भी अनिश्चितता के कारण स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ हैं।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम पर निर्भर है। जैसे ही क्षेत्र में तनाव कम होगा और एयरस्पेस दोबारा सामान्य रूप से खुलेंगे, तब जाकर हवाई किरायों में राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।