नई दिल्ली :- जापान की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने भारत में अपने विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कंपनी देश में तीन नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है जिससे उसका उत्पादन क्षमता लगभग तीन गुना तक बढ़ सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह विस्तार योजना भारत को कंपनी के प्रमुख वैश्विक उत्पादन केंद्रों में शामिल करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। बढ़ती घरेलू मांग निर्यात अवसर और भारत के मजबूत ऑटोमोबाइल बाजार को देखते हुए कंपनी यह बड़ा निवेश करने जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए प्लांट लगने से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही ऑटो कंपोनेंट सेक्टर और सप्लाई चेन से जुड़े उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिल सकता है। इससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
टोयोटा पहले से भारत में अपनी मजबूत मौजूदगी रखती है और अब उत्पादन क्षमता बढ़ाकर कंपनी घरेलू बाजार के साथ निर्यात पर भी अधिक ध्यान देना चाहती है। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन रणनीति के लिहाज से भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार की मेक इन इंडिया और ऑटो सेक्टर प्रोत्साहन नीतियों को भी इस फैसले के पीछे एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। वैश्विक कंपनियां भारत को अब केवल बाजार नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देखने लगी हैं। कुल मिलाकर टोयोटा का यह निवेश भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे देश के औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है।