नई दिल्ली :- भारत में 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो गई है जिसे गर्मी का सबसे तीव्र दौर माना जाता है। यह अवधि 2 जून तक चलेगी और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। नौतपा वह समय होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। पारंपरिक मान्यताओं और मौसम विज्ञान दोनों में इसे भीषण गर्मी का संकेत माना जाता है। इस दौरान जमीन तेजी से गर्म होती है और लू का प्रभाव कई राज्यों में बढ़ जाता है।
दिल्ली उत्तर प्रदेश राजस्थान मध्य प्रदेश हरियाणा पंजाब समेत कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीट स्ट्रोक डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। बच्चों बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने हल्के कपड़े पहनने और दोपहर में सीधे धूप से बचने की सलाह दी है। ORS नारियल पानी और फलों का सेवन बढ़ाने की भी सलाह दी जा रही है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार नौतपा का असर कृषि पर भी पड़ सकता है। अत्यधिक गर्मी के कारण कई फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि नौतपा के दौरान पर्याप्त गर्मी पड़े तो मानसून बेहतर रहने की संभावना बढ़ जाती है।
देश के कई हिस्सों में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है क्योंकि लोग एयर कंडीशनर और कूलर का अधिक उपयोग कर रहे हैं। ऊर्जा विभागों को रिकॉर्ड बिजली खपत के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ और प्री मानसून गतिविधियों के कारण हल्की बारिश और आंधी की संभावना भी बनी हुई है जिससे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। लेकिन कुल मिलाकर अगले कुछ दिन देश के बड़े हिस्से में बेहद गर्म रहने वाले हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें क्योंकि नौतपा के दौरान लापरवाही स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।