पटना (बिहार):- बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। उमानाथ गंगा घाट के पास तेज हवा और खराब मौसम के कारण एक नाव अचानक पलट गई। नाव में करीब चौदह से पंद्रह लोग सवार थे जो नदी पार कर सब्जी तोड़ने जा रहे थे। हादसे के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई और राहत बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव जैसे ही नदी के बीच हिस्से में पहुंची तभी तेज हवा चलने लगी। अचानक संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई और उसमें सवार लोग गंगा नदी में गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया।
अब तक सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं दो लोगों के शव बरामद किए गए हैं। कई अन्य लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की टीमें गोताखोरों और स्थानीय मछुआरों की मदद से लगातार खोज अभियान चला रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के समय नदी में तेज लहरें उठ रही थीं और मौसम अचानक खराब हो गया था। नाव छोटी होने और उसमें अधिक लोगों के सवार होने की वजह से स्थिति और गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घाट पर लोग रोजाना नाव के जरिए खेती और सब्जी के काम से नदी पार जाते हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राहत कार्य के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को भी लगाया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि लापता लोगों की तलाश जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि नदी पार करने के लिए सुरक्षित और पंजीकृत नावों की व्यवस्था नहीं होने से अक्सर खतरा बना रहता है। कई लोगों ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मौसम खराब होने पर नाव संचालन रोकने की मांग की है।
बिहार में मानसून पूर्व मौसम बदलाव के दौरान नदियों में अचानक तेज हवा और लहरों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में छोटी नावों के संचालन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। फिलहाल प्रशासन की पूरी कोशिश लापता लोगों को जल्द खोज निकालने पर केंद्रित है।