स्वच्छ भारत मिशन (नई दिल्ली): स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश के शहरों में सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी स्वच्छता सेवाओं को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कई शहरों में तकनीक आधारित समाधान पहले से ही सफाई और कचरा प्रबंधन के काम में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी। इसके बाद शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक और आधुनिक उपकरणों को शामिल करने पर भी जोर दिया गया है। अब शहरों में डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से सफाई सेवाओं की निगरानी, AI आधारित मशीनों से कठिन इलाकों की सफाई और इलेक्ट्रिक वाहनों से कचरा संग्रहण जैसे प्रयोग किए जा रहे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन: रायपुर में AI तकनीक से नालों की सफाई
रायपुर में G-SPIDER नाम की AI आधारित प्रणाली का इस्तेमाल नालों की सफाई के लिए किया जा रहा है। इसमें मशीन विजन और सेंसर तकनीक की मदद से जमा कचरे की पहचान और सफाई की जाती है। इस तरह की तकनीक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ऐसे स्थानों पर कर्मचारियों की सीधी पहुंच कम करना है जहां दूषित पानी, जहरीली गैसों या अन्य जोखिमों के कारण काम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
गुंटूर में इलेक्ट्रिक वाहनों से कचरा संग्रहण
आंध्र प्रदेश के गुंटूर में घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 200 से अधिक इलेक्ट्रिक ऑटो इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन वाहनों में GPS ट्रैकिंग की सुविधा है, जिससे कचरा संग्रहण की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकती है। सरकार के अनुसार इस पहल से हर साल बड़ी मात्रा में डीजल की खपत से बचाव का अनुमान है।
स्वच्छ भारत मिशन: चेन्नई में हजारों ई-रिक्शा का इस्तेमाल
चेन्नई में ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 5,478 बैटरी चालित ई-रिक्शा तैनात किए हैं। इन वाहनों में गीले, सूखे और खतरनाक कचरे के लिए अलग-अलग डिब्बों की व्यवस्था की गई है। इससे कचरे को स्रोत पर ही अलग करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। यह व्यवस्था शहर के सभी 15 जोन में लागू है और बड़ी संख्या में घरों तथा सड़कों को कवर करती है।
स्वच्छ भारत मिशन: इंदौर में EV के साथ सौर ऊर्जा का इस्तेमाल
मध्य प्रदेश के इंदौर में भी घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 100 इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। GPS के जरिए इन वाहनों की निगरानी की जाती है। इसके अलावा शहर में सौर ऊर्जा आधारित चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहनों के लिए स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
शहरी स्वच्छता में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल स्वच्छ भारत मिशन के अगले चरण की दिशा को भी दिखाता है। डिजिटल निगरानी, AI आधारित मशीनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए सफाई सेवाओं को अधिक तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार आगे इन तकनीकों को दूसरे शहरों में भी अपनाने की संभावनाएं हैं, ताकि शहरी स्वच्छता व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके।