लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा रविवार, 8 जून से प्रदेशभर में शुरू हो गई है। लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और कड़ी निगरानी का सहारा लिया जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। परीक्षा कक्षों से लेकर केंद्र परिसर तक हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।अधिकारियों के अनुसार, इस बार परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों की एंट्री रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है। उम्मीदवार की पहचान पूरी तरह से सही पाए जाने के बाद ही उसे परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। प्रवेश द्वार पर उम्मीदवारों की सघन जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को खत्म किया जा सके।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नकल, सॉल्वर गैंग या फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से परीक्षा में शामिल होने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेशभर में आयोजित हो रही इस परीक्षा में लाखों युवा सरकारी नौकरी का सपना लेकर शामिल हो रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अभ्यर्थियों से भी अपील की गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचे, आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और परीक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करें।