सोनभद्र। जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति का आकलन करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
समीक्षा में सामने आया कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित किए बिना ही शिकायतों का निस्तारण दिखाकर आख्या अपलोड कर दी गई। इसके चलते असंतुष्ट फीडबैक की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि प्राप्त करने की स्पष्ट व्यवस्था की गई है, लेकिन उसका प्रभावी पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि शासन की मंशा के भी विपरीत है। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) सोनभद्र के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता समेत समस्त कर्मचारियों के जून 2026 के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगाने के निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि असंतुष्ट फीडबैक की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यक होने पर निलंबन की संस्तुति भी की जा सकती है।
बैठक के दौरान तहसील दूद्धी क्षेत्र में शिकायतों के निस्तारण में भी खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार दूद्धी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की औपचारिकता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शिकायत निस्तारण व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।