नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जब तक सीमा पार से आतंकवाद को समर्थन मिलना बंद नहीं होता, तब तक सिंधु नदी का पानी “आतंक के संरक्षकों” तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने पहले ही Indus Waters Treaty को स्थगित (abeyance) कर रखा है।
हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि भारत अब आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह की नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग आतंकवाद को संरक्षण देते हैं, उन्हें भारत की नदियों के जल पर अधिकार नहीं मिल सकता।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और अधिक सख्त किया है तथा दुनिया को यह संदेश दिया है कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री हाल के दिनों में यह संकेत दे चुके हैं कि पाकिस्तान को सिंधु जल प्रणाली के पानी की आपूर्ति को लेकर भारत अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर रहा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है कि पाकिस्तान को “एक बूंद पानी भी नहीं” देने की दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुए सिंधु जल समझौते के तहत दोनों देशों के बीच नदी जल बंटवारे की व्यवस्था तय की गई थी। हालांकि, भारत का कहना है कि लगातार सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों ने परिस्थितियों को बदल दिया है।
मुख्य बातें:
🔹 राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद पर सख्त चेतावनी दी।
🔹 कहा- आतंक के संरक्षकों तक सिंधु का पानी नहीं पहुंचने देंगे।
🔹 सिंधु जल संधि पहले से ही स्थगित रखी गई है।
🔹 केंद्र सरकार पाकिस्तान को जल आपूर्ति रोकने के विकल्पों पर काम कर रही है।
🔹 बयान के बाद भारत-पाक संबंधों को लेकर चर्चा तेज।