मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को बड़ा झटका लगने की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के दो सांसदों ने कथित तौर पर किसी भी प्रकार के समर्थन पत्र या हस्ताक्षर अभियान से दूरी बना ली है, जिससे सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों को अपने पाले में लाने की कोशिशें की जा रही थीं, लेकिन दो सांसदों के पीछे हटने से इस रणनीति को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे आज अपने समर्थक सांसदों और नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के जरिए वह यह संदेश देना चाहते हैं कि पार्टी अभी भी एकजुट है और नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ी है।
इस बीच, राज्यसभा सांसद संजय राऊत पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि कुछ सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव दिए गए हैं। हालांकि, शिंदे गुट ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में जारी इस खींचतान ने राज्य का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज का शक्ति प्रदर्शन यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है कि शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की अटकलों में कितना दम है।
फिलहाल सभी की निगाहें उद्धव ठाकरे के आज होने वाले कार्यक्रम और सांसदों की मौजूदगी पर टिकी हैं, क्योंकि इससे महाराष्ट्र की राजनीति को नया मोड़ मिल सकता है।