द्वितीय विश्व युद्ध की एयरस्ट्रिप से योग मंच तक: कोलकाता के रेड रोड की अनोखी कहानी

 

 

कोलकाता। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर हजारों लोगों के साथ योग किया। लेकिन यह सड़क सिर्फ एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि इतिहास के कई महत्वपूर्ण अध्यायों की साक्षी भी रही है।

 

आज जिस सड़क को आधिकारिक तौर पर Indira Gandhi Sarani के नाम से जाना जाता है, उसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में हुआ था। यह सड़क कोलकाता के प्रतिष्ठित मैदान क्षेत्र के बीचोंबीच स्थित है और लंबे समय से सैन्य परेड, राष्ट्रीय समारोहों तथा बड़े सार्वजनिक आयोजनों का केंद्र रही है।

 

इतिहासकारों के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रेड रोड का उपयोग एक अस्थायी आपातकालीन हवाई पट्टी के रूप में किया गया था। उस समय मित्र राष्ट्रों (Allied Forces) के लड़ाकू विमानों को जरूरत पड़ने पर यहां उतारने और उड़ान भरने की व्यवस्था की गई थी। युद्धकालीन परिस्थितियों में यह सड़क सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती थी।

 

स्वतंत्रता के बाद रेड रोड कोलकाता की सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहचान का हिस्सा बन गई। यहां गणतंत्र दिवस परेड, सैन्य प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े सार्वजनिक आयोजन नियमित रूप से आयोजित होते रहे हैं।

 

अब 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के साथ रेड रोड ने अपने इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ लिया है। जहां कभी युद्धकालीन विमान उतरा करते थे, वहीं अब हजारों लोगों ने एक साथ योग कर स्वास्थ्य, शांति और सामूहिक कल्याण का संदेश दिया।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि रेड रोड की यह यात्रा भारत के बदलते इतिहास और प्राथमिकताओं को भी दर्शाती है—एक ऐसा स्थल जो कभी युद्ध की तैयारियों का प्रतीक था, आज स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और वैश्विक सद्भाव का मंच बन चुका है।

 

कोलकाता की यह ऐतिहासिक सड़क आज भी अतीत और वर्तमान के बीच एक जीवंत सेतु के रूप में खड़ी है, जो शहर की विरासत और आधुनिक पहचान दोनों को समेटे हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *