नोएडा। शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने वाहनों की अधिकतम गति सीमा कम करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नोएडा की विभिन्न श्रेणी की सड़कों पर नई स्पीड लिमिट लागू की जाएगी।
प्रस्ताव के अनुसार, मुख्य सड़कों पर वाहनों की अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा, आंतरिक (इंटरनल) सड़कों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की जाएगी। वर्तमान में कई मार्गों पर वाहन इससे अधिक गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
प्राधिकरण का मानना है कि तेज रफ्तार सड़क हादसों की एक बड़ी वजह है। नई स्पीड लिमिट लागू होने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सड़कें अधिक सुरक्षित बन सकेंगी। इसके साथ ही विभिन्न प्रमुख मार्गों पर नए संकेतक (साइन बोर्ड) और गति सीमा संबंधी सूचनाएं भी लगाई जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव को प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की मंजूरी के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद यातायात पुलिस और संबंधित विभागों के सहयोग से इसे लागू किया जाएगा।
नोएडा देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में शामिल है। यहां चौड़ी सड़कों और एक्सप्रेसवे के कारण कई बार वाहन चालक निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाते हैं। ऐसे में प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि स्पीड लिमिट कम करने के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन कराना भी जरूरी होगा। यदि प्रभावी निगरानी और चालान व्यवस्था लागू की जाती है तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
नई स्पीड पॉलिसी लागू होने के बाद नोएडा में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे हजारों वाहन चालकों और राहगीरों को फायदा होने की उम्मीद है।