हरियाणा :- हरियाणा में सामने आए बहुचर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने वरिष्ठ IAS अधिकारी Pankaj Agarwal को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर हरियाणा सरकार के करोड़ों रुपये के सरकारी धन के कथित गबन और फंड डायवर्जन मामले में संलिप्तता के आरोप हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला शुरू में लगभग 590 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के रूप में सामने आया था, लेकिन बाद की जांच में कथित घोटाले का दायरा 645 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचने की बात सामने आई। इस मामले में सरकारी विभागों के खातों से धन के अवैध हस्तांतरण और बैंकिंग प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
CBI पहले भी इस मामले में कई बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। जांच के दौरान कई IAS अधिकारियों से पूछताछ की गई थी और उनके परिसरों पर छापेमारी भी की गई थी। पंकज अग्रवाल का नाम भी जांच के दायरे में आने के बाद एजेंसी ने उनसे पूछताछ की और अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि सरकारी खातों से धन निकालने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों, अनधिकृत लेनदेन और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे प्रकरण की जांच CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां कर रही हैं।
इस घोटाले को हरियाणा के हाल के वर्षों के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी धन के कथित दुरुपयोग में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कुल वित्तीय नुकसान कितना हुआ।