सोनभद्र। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सोनभद्र प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर बुधवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित कोचिंग संस्थानों, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों और लाइब्रेरी का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तीन संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
निरीक्षण टीम में उप जिलाधिकारी सदर अश्विनी कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राम सहनी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। टीम ने संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा और आवश्यक पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की।
जांच के दौरान डीएलजेडीसी लाइब्रेरी, रॉबर्ट्सगंज में अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। संस्थान का आवश्यक पंजीकरण भी प्रस्तुत नहीं किया जा सका। निरीक्षण में पाया गया कि भवन में केवल एक संकरी सीढ़ी निकास मार्ग के रूप में मौजूद थी, जिसमें शू-रैक रखा हुआ था। इससे आपातकालीन स्थिति में विद्यार्थियों के सुरक्षित बाहर निकलने में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती थी। इसके अलावा विद्युत वायरिंग भी अव्यवस्थित मिली और खुले तार संभावित अग्नि दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहे थे।
इसी प्रकार संस्कार लाइब्रेरी और रिसर्च एंड रिसोर्स कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में भी फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गईं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तीनों संस्थानों के खिलाफ तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि जनपद में संचालित सभी कोचिंग संस्थान, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र और लाइब्रेरी निर्धारित सुरक्षा मानकों, अग्निशमन नियमों तथा पंजीकरण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी करने तथा सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही ऐसे संस्थानों को पुनः संचालन की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जनपद के अन्य कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों में भी हड़कंप मच गया है।