नई दिल्ली। वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत के ऊर्जा क्षेत्र की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस आपदा के कारण वेनेजुएला के तेल उत्पादन, बंदरगाहों या निर्यात व्यवस्था पर असर पड़ता है, तो भारत सहित कई देशों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
हाल के वर्षों में भारत और वेनेजुएला के बीच कच्चे तेल का व्यापार तेजी से बढ़ा है। भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला से भारी कच्चे तेल का आयात कर रही हैं, जिससे दोनों देशों के ऊर्जा संबंध मजबूत हुए हैं। ऐसे में भूकंप के कारण तेल उत्पादन या शिपमेंट में किसी भी प्रकार की बाधा भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयात व्यवस्था पर प्रभाव डाल सकती है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपूर्ति में लंबी अवधि तक व्यवधान रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर भारत में पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की लागत पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल वेनेजुएला सरकार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई है और तेल अवसंरचना को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। भारत भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रमों की समीक्षा कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य हो जाती है तो आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन नुकसान अधिक होने की स्थिति में वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। ऐसे में भारत को वैकल्पिक स्रोतों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम उठाने पड़ सकते हैं।