नई दिल्ली :- लगातार बढ़ते ईंधन खर्च के बीच हर वाहन चालक चाहता है कि उसकी गाड़ी बेहतर माइलेज दे और फ्यूल पर होने वाला खर्च कम हो। हालांकि, कई बार छोटी-छोटी गलतियां आपकी जेब पर भारी पड़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कुछ आसान आदतें अपनाई जाएं, तो हर महीने फ्यूल की खपत कम की जा सकती है और लंबे समय में अच्छी-खासी बचत संभव है।
सबसे पहले, हमेशा भरोसेमंद और अधिकृत पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाएं। फ्यूल भरवाने के दौरान मीटर को ‘जीरो’ पर देखना न भूलें। इससे गलत माप या कम ईंधन मिलने की संभावना कम हो जाती है। यदि संभव हो, तो सुबह या देर शाम के समय फ्यूल भरवाना बेहतर माना जाता है, क्योंकि अपेक्षाकृत कम तापमान में ईंधन का घनत्व थोड़ा अधिक स्थिर रहता है।
वाहन की नियमित सर्विसिंग भी माइलेज बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। गंदा एयर फिल्टर, पुराने इंजन ऑयल या खराब स्पार्क प्लग इंजन की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ सकती है। समय-समय पर सर्विस कराने से इंजन बेहतर प्रदर्शन करता है और माइलेज में सुधार होता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टायरों में हमेशा कंपनी द्वारा निर्धारित हवा का दबाव बनाए रखें। कम हवा होने पर इंजन को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल की खपत बढ़ जाती है। इसके अलावा, अचानक तेज एक्सीलरेशन और बार-बार ब्रेक लगाने की आदत भी ईंधन की खपत बढ़ाती है। स्मूद ड्राइविंग न केवल फ्यूल बचाती है, बल्कि वाहन के पार्ट्स की उम्र भी बढ़ाती है।
अनावश्यक रूप से लंबे समय तक इंजन चालू रखना भी नुकसानदायक है। यदि आपको कुछ मिनट से अधिक रुकना है, तो इंजन बंद कर देना बेहतर विकल्प है। साथ ही, वाहन में जरूरत से ज्यादा वजन रखने से भी माइलेज प्रभावित होता है। इसलिए बेकार का सामान वाहन में रखने से बचें।
ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वाहन चालक नियमित रूप से इन आसान उपायों को अपनाएं, तो ईंधन की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत वाहन के प्रकार, ड्राइविंग स्टाइल, सड़क की स्थिति और प्रतिदिन तय की जाने वाली दूरी पर निर्भर करती है। सही रखरखाव और समझदारी से ड्राइविंग न केवल फ्यूल बचाती है, बल्कि वाहन की कार्यक्षमता और सुरक्षा भी बेहतर बनाती है।