श्रीनगर। Amarnath Yatra 2026 इस बार केवल आस्था का नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण बनकर सामने आई है। 30 जुलाई तक 4.5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या के बावजूद यात्रा मार्गों पर स्वच्छता व्यवस्था प्रभावी रही और लगभग 300 मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया।
यात्रा के दौरान ‘स्वाहा मॉडल’ (SWAHA Model) के तहत ठोस कचरे का संग्रह, पृथक्करण और सुरक्षित निस्तारण किया गया। प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए श्रद्धालुओं को पुनः उपयोग योग्य बैग उपलब्ध कराए गए और यात्रा मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
वन एवं पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि Amarnath Yatra 2026 ने यह साबित कर दिया कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद बेहतर योजना और आधुनिक कचरा प्रबंधन से पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह मॉडल भविष्य में अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।