PM Modi on Youth: रील्स के दौर में पीएम मोदी की युवाओं को नसीहत, बोले- शॉर्टकट आपको छोटा कर देगा

PM Modi on Youth :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को सोशल मीडिया और रील्स के दौर में शॉर्टकट की मानसिकता से बचने की सलाह दी है। बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि आज का दौर रील्स और सोशल मीडिया प्रभावशाली लोगों का है, लेकिन युवाओं को सफलता के लिए आसान रास्ते तलाशने के बजाय संघर्ष और अनुभव से सीखना चाहिए।

 

‘शॉर्टकट आपको छोटा कर देगा’

 

पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया पर कम समय में सफलता और लोकप्रियता हासिल करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि शॉर्टकट अपनाने से व्यक्ति खुद छोटा रह जाता है।

 

प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर लिखे जाने वाले संदेश का उदाहरण देते हुए युवाओं को याद दिलाया कि शॉर्टकट रास्ता व्यक्ति को छोटा कर सकता है। उनका संदेश था कि जीवन में स्थायी सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और निरंतर सीखने की जरूरत होती है।

 

युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील

 

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से अपनी पसंद के सफल लोगों की आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मकथाओं के जरिए किसी व्यक्ति के संघर्ष, अनुभव और जीवन की चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है।

 

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की आत्मकथा केवल उसके जीवन की कहानी नहीं होती, बल्कि उस दौर के इतिहास और परिस्थितियों को समझने का भी माध्यम बन सकती है।

 

रामनाथ कोविंद के जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह

 

यह कार्यक्रम पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ के विमोचन के अवसर पर आयोजित किया गया था। पीएम मोदी ने कोविंद के जीवन संघर्ष और साधारण पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की यात्रा का उल्लेख करते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की बात कही।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद का जीवन यह दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

 

रील्स और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के लिए संदेश

 

पीएम मोदी का यह संदेश ऐसे समय आया है जब युवाओं के बीच छोटी अवधि के वीडियो और सोशल मीडिया सामग्री का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से तत्काल सफलता के पीछे भागने के बजाय लंबी अवधि के लक्ष्य, मेहनत और सीखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।

 

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि रामनाथ कोविंद की आत्मकथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और युवाओं को अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना करने की ताकत देगी।

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