नई दिल्ली। भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में ‘चिप्स टू स्टार्टअप्स’ (C2S) कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल के तहत अब तक 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कार्यक्रम का उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर डिजाइन के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करना और एक मजबूत डिजाइन इकोसिस्टम विकसित करना है।
छात्रों को मिल रही आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग
C2S कार्यक्रम के माध्यम से इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों के छात्रों को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम, VLSI और संबंधित तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
स्टार्टअप और इनोवेशन को भी बढ़ावा
कार्यक्रम का फोकस केवल छात्रों के प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। इसके जरिए देश में चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े नए उत्पादों, प्रोटोटाइप और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार की इस पहल से भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए जरूरी प्रतिभा और तकनीकी क्षमताओं का आधार तैयार हो रहा है। इससे आने वाले समय में देश की चिप डिजाइन क्षमता और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगी मजबूती
‘चिप्स टू स्टार्टअप्स’ कार्यक्रम को भारत के व्यापक सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़कर देखा जा रहा है। इसका लक्ष्य देश को सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंचाना है।