हेल्थ डेस्क। आमतौर पर लगभग 6 महीने की उम्र में बच्चे को मां के दूध या फॉर्मूला के साथ पूरक आहार (complementary foods) देना शुरू किया जाता है। इस उम्र में बच्चे के तेजी से बढ़ते शरीर और मस्तिष्क के लिए पर्याप्त ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन और अन्य पोषक तत्व जरूरी होते हैं।
1. 🥚 अंडा
अंडा प्रोटीन, कोलीन (choline) और कई अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। कोलीन मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बच्चे को अंडा अच्छी तरह पकाकर और उसकी उम्र के अनुसार नरम रूप में दिया जा सकता है।
2. 🥑 एवोकाडो
एवोकाडो में स्वस्थ वसा, फोलेट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसकी नरम बनावट के कारण इसे अच्छी तरह मैश करके बच्चे को दिया जा सकता है। स्वस्थ वसा बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण होती है।
3. 🐟 मछली
कुछ मछलियां DHA जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत होती हैं, जो मस्तिष्क और आंखों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चे को मछली देते समय अच्छी तरह पकाई हुई, कांटों से पूरी तरह साफ और कम पारे वाली मछली चुनना जरूरी है।
सिर्फ इन तीन चीजों तक सीमित न रखें डाइट
6 महीने के बाद बच्चे को अलग-अलग खाद्य समूहों से विविध आहार देना बेहतर होता है। दाल, अनाज, सब्जियां, फल, अंडा/मांस या अन्य प्रोटीन स्रोत धीरे-धीरे आहार में शामिल किए जा सकते हैं।
शुरुआत में एक समय में थोड़ी मात्रा दें और बच्चे की प्रतिक्रिया पर नजर रखें। नए खाद्य पदार्थों से एलर्जी की संभावना रहती है, इसलिए अंडा, मछली या अन्य एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ पहली बार देते समय विशेष सावधानी बरतें।
जरूरी बात: 6 महीने के बाद भी मां का दूध बच्चे के लिए महत्वपूर्ण रहता है। एक साल से कम उम्र के बच्चे को शहद न दें, और भोजन हमेशा उम्र के अनुसार नरम/मैश किया हुआ तथा निगलने के लिए सुरक्षित रखें।