बेंगलुरु। देश के प्रमुख लॉ संस्थानों में शामिल नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु के छात्रों और पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई है।
700 से ज्यादा छात्रों और पूर्व छात्रों ने जताया विरोध
इस संबंध में जारी संयुक्त बयान पर 165 स्नातक छात्रों, 409 मौजूदा छात्रों और 128 पूर्व छात्रों ने हस्ताक्षर किए हैं। यानी कुल 702 छात्रों और पूर्व छात्रों ने इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
NALSAR विवाद का भी दिया हवाला
NLSIU के छात्रों का यह विरोध हाल ही में NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद में CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आया है।
NALSAR के छात्रों के विरोध के बाद BCI ने पहले 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन भारी विरोध के बाद इस आदेश को वापस ले लिया गया। NLSIU के छात्रों ने BCI से NALSAR के छात्र और शिक्षक समुदाय से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
छात्रों ने अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा उठाया
NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों का कहना है कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध और असहमति को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने BCI की कार्रवाई को लेकर अकादमिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंता जताई है।
छात्रों ने यह भी कहा कि वे NALSAR के छात्रों के साथ एकजुटता में खड़े हैं और दीक्षांत समारोह में CJI की मौजूदगी पर भी पुनर्विचार किए जाने की मांग करते हैं।