Red Sea Tension:- लाल सागर में बढ़ते तनाव पर भारत का अलर्ट, MEA ने कहा- समुद्री नेविगेशन के लिए खतरा पूरी तरह अस्वीकार्य

Red Sea Tension:- लाल सागर में बढ़ते तनाव से समुद्री सुरक्षा पर चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने लाल सागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सऊदी अरब पर हालिया हूती हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। भारत ने विशेष रूप से Bab-el-Mandeb जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमले भारत के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।

Red Sea Tension:- बाब-अल-मंदेब क्यों है महत्वपूर्ण?

Bab-el-Mandeb लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा में किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से जुड़े एक हालिया बयान में भी कहा कि महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्गों में व्यवधान का असर ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा तक पहुंच सकता है। भारत ने स्वतंत्र, सुरक्षित और नियम-आधारित समुद्री क्षेत्र तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन किया है।

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Red Sea Tension:- जयशंकर और सऊदी विदेश मंत्री के बीच भी हुई चर्चा

MEA के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS शिखर सम्मेलन से इतर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की थी। बातचीत में लाल सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उसके संभावित प्रभावों पर विचार किया गया।

भारत की चिंता केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है। लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन मार्गों में व्यवधान आने पर जहाजों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है, जिससे यात्रा का समय, माल ढुलाई और बीमा लागत प्रभावित हो सकती है। Reuters के अनुसार, 17 सितंबर को Bab-el-Mandeb से 23 कमोडिटी जहाज गुजरे, जो पिछले 10 दिनों के औसत 26 जहाज प्रतिदिन से कम था।

Red Sea Tension:- भारत का जोर सुरक्षित समुद्री मार्ग पर

भारत ने स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक जहाजों को भू-राजनीतिक तनाव का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और समुद्री मार्गों पर नेविगेशन के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत की समुद्री सुरक्षा एजेंसियां भी लाल सागर और Gulf of Aden क्षेत्र में भारतीय तथा अन्य वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए निगरानी और सुरक्षा गतिविधियां जारी रखती हैं।

लाल सागर क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बीच भारत का संदेश फिलहाल क्षेत्रीय शांति, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने पर केंद्रित है।

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