Dengue Cases Drop (गांधीनगर): गुजरात में डेंगू के मामलों में करीब 40 प्रतिशत की कमी दर्ज किए जाने के बाद भी राज्य सरकार ने निगरानी और रोकथाम के प्रयासों में ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को मच्छरजनित बीमारियों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और डेंगू की रोकथाम के लिए जांच एवं नियंत्रण गतिविधियों को तेज करने को कहा है।
राज्य में मानसून के बाद मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में डेंगू के मामलों में कमी के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सतर्कता जारी रखने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों से प्रभावित या संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
मामलों में गिरावट, लेकिन निगरानी जारी
सरकार की समीक्षा में डेंगू के मामलों में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट सामने आई है। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना सकता है। इसलिए मामलों में कमी आने के बावजूद निगरानी व्यवस्था को सक्रिय रखना जरूरी है।
अहमदाबाद में भी सितंबर के दौरान डेंगू के मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के पहले 20 दिनों में 496 डेंगू मामले दर्ज हुए थे, जबकि अगस्त में 361 मामले सामने आए थे। इससे पता चलता है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थिति एक जैसी नहीं है और स्थानीय स्तर पर निगरानी की जरूरत बनी हुई है।
Dengue Cases Drop: मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर कार्रवाई
डेंगू की रोकथाम के लिए स्थानीय निकायों की ओर से पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच की जा रही है। अहमदाबाद में स्वास्थ्य विभाग ने निर्माण स्थलों, सरकारी परिसरों और अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। कई जगह मच्छरों के प्रजनन स्थल मिलने पर नोटिस और प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई।
राजकोट में भी मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान के लिए ड्रोन सर्वे का इस्तेमाल किया जा रहा है। 26 सितंबर तक पांच उच्च जोखिम वाले वार्डों में 4,731 संभावित प्रजनन स्थल चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 1,340 पर उपचार की कार्रवाई की जा चुकी थी।
लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों की कोशिशों के साथ लोगों की सतर्कता भी डेंगू नियंत्रण में महत्वपूर्ण मानी जाती है। घरों और आसपास ऐसे स्थानों पर पानी जमा न होने देना जरूरी है जहां मच्छरों के पनपने की संभावना हो।
खासकर बारिश के बाद गमलों, पुराने टायरों, खुले कंटेनरों, टंकियों और अन्य जगहों पर जमा पानी की नियमित जांच करने की सलाह दी जाती है। किसी व्यक्ति में तेज बुखार या अन्य बीमारी के लक्षण हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
फिलहाल गुजरात में डेंगू के मामलों में कमी राहत की खबर है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को निगरानी और मच्छर नियंत्रण अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य संभावित नए मामलों को समय रहते पहचानना और संक्रमण के प्रसार को रोकना है।