दशहरा 2026: जालौन। नगर की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव-2026 का शुभारंभ धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों के भावपूर्ण मंचन के साथ हुआ। रामलीला के प्रथम दिन नारद मोह और रावण अत्याचार की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। लीला के दौरान पौराणिक प्रसंगों को जीवंत होते देख दर्शक भाव-विभोर नजर आए।
रामलीला के पहले दृश्य में महर्षि नारद की तपस्या और उनके अहंकार से जुड़ा प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि महर्षि नारद हिमालय की वादियों में गंगा किनारे तपस्या में लीन हो जाते हैं। उनकी कठोर तपस्या से देवराज इंद्र का सिंहासन डोलने लगता है। इसके बाद इंद्र कामदेव को अप्सराओं के साथ नारद की तपस्या भंग करने के लिए भेजते हैं, लेकिन कामदेव अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाते।
दशहरा 2026: तपस्या में सफलता के बाद नारद को अपने सामर्थ्य पर अहंकार हो जाता है। भगवान शिव और ब्रह्मा की सलाह को नजरअंदाज कर वह अपनी विजय का समाचार भगवान विष्णु को सुनाने पहुंचते हैं। नारद के अहंकार को दूर करने के लिए भगवान विष्णु अपनी माया से एक मायानगरी की रचना करते हैं।
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मायानगरी में राजा शील निधि की पुत्री विश्वमोहिनी के स्वयंवर का प्रसंग दिखाया गया। विश्वमोहिनी को देखकर नारद मोहित हो जाते हैं और स्वयंवर में उन्हें पाने के लिए भगवान विष्णु से सुंदर रूप देने की प्रार्थना करते हैं। लीला में दिखाया गया कि भगवान विष्णु ने उन्हें वानर रूप प्रदान कर दिया। स्वयंवर में वास्तविकता सामने आने के बाद नारद क्रोधित हो जाते हैं और भगवान विष्णु को श्राप दे देते हैं।
रावण-कुंभकर्ण के अत्याचार से मचा हाहाकार
दशहरा 2026: दूसरे दृश्य में रावण और कुंभकर्ण की कठोर तपस्या का मंचन किया गया। दोनों की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें वरदान देने का प्रसंग प्रस्तुत किया। वरदान मिलने के बाद रावण के अत्याचारों से तीनों लोकों में हाहाकार मचने का दृश्य दर्शाया गया। देवताओं ने भगवान से प्रार्थना की, जिसके बाद भगवान ने अंशों सहित अवतार लेने का आश्वासन दिया।
रामलीला का निर्देशन पं. प्रयाग गुरु ने किया, जबकि संचालन राजकुमार मिझौना ने किया। हास्य कलाकार पंचम दीवाना ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
दशहरा 2026: भगवान विष्णु की भूमिका मनोज तिवारी काजू महाराज, नारद की भूमिका सुरेंद्र पारासर और माता लक्ष्मी की भूमिका रामदूत तिवारी ने निभाई। कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
रामलीला अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मंत्री पवन चतुर्वेदी सहित रामलीला एवं दशहरा कमेटी के सदस्यों ने आयोजन में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं में सहयोग किया। ऐतिहासिक रामलीला के पहले दिन बड़ी संख्या में दर्शक लीला देखने पहुंचे और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।