Adani Sportsline: (नई दिल्ली।) भारतीय टेबल टेनिस की उभरती खिलाड़ी दिविजा पॉल ने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने हरियाणा के पंचकूला में आयोजित नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-13 गर्ल्स वर्ग में कांस्य पदक जीता। इस प्रतियोगिता का आयोजन 6 से 13 अक्टूबर 2026 तक हुआ था। दिविजा भारत में अंडर-13 वर्ग की नंबर-1 खिलाड़ी हैंऔर उनकी यह उपलब्धि जूनियर टेबल टेनिस में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन को दर्शाती
दिविजा को अडानी स्पोर्ट्सलाइन की ‘गर्व है’ पहल के तहत सहयोग मिल रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना
पंचकूला में शानदार प्रदर्शन, अंडर-13 वर्ग में कांस्य
Adani Sportsline: दिविजा पॉल ने राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता में अंडर-13 गर्ल्स वर्ग में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
दिविजा के लिए पंचकूला खास महत्व रखता है। साल 2023 में इसी शहर में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने अंडर-11 वर्ग का राष्ट्रीय खिताब जीता था। दिविजा के अनुसार, उस जीत ने उन्हें टेबल टेनिस को गंभीरता से अपनाने और पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया।
फिलीपींस में भी जीत चुकी हैं गोल्ड मेडल
Adani Sportsline: पंचकूला में कांस्य पदक जीतने से पहले दिविजा ने फिलीपींस में आयोजित WTT Youth Contender Puerto Princesa 2026 प्रतियोगिता के अंडर-13 व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
इसके अलावा, उन्होंने 2025 और 2026 में वडोदरा में आयोजित WTT Youth Contender प्रतियोगिताओं में अंडर-11 और अंडर-13 वर्गों में भी स्वर्ण पदक हासिल किए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनकी उपलब्धियां उनके अनुभव और प्रतिस्पर्धी स्तर को मजबूत कर रही
छह साल की उम्र में शुरू किया था टेबल टेनिस
Adani Sportsline: असम के सिलचर में जन्मीं दिविजा ने छह साल की उम्र में टेबल टेनिस खेलना शुरू किया था। बताया जाता है कि उन्होंने अपने एक चचेरे भाई को स्थानीय क्लब में खेलते हुए देखकर इस खेल में रुचि ली।
दिविजा फिलहाल केंद्रीय विद्यालय सिलचर में कक्षा सात की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ खेल को जारी रखते हुए वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही
बेहतर उपकरण और प्रशिक्षण से मिलेगी मदद
Adani Sportsline: दिविजा ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाले खेल उपकरण, प्रतियोगिताओं के लिए यात्रा और सही स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग कार्यक्रम तक पहुंच उनके सामने चुनौतियां रही हैं। ‘गर्व है’ पहल के तहत अडानी स्पोर्ट्सलाइन उन्हें बेहतर उपकरण, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए यात्रा सहायता तथा शारीरिक तैयारी से जुड़ा सहयोग उपलब्ध करा रही
इस तरह की सहायता युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उच्च स्तर पर प्रतियोगिता के लिए नियमित अभ्यास के साथ-साथ फिटनेस, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में लगातार भाग लेने के अवसर भी जरूरी होते
अब चेन्नई और जालंधर की प्रतियोगिताओं पर नजर
Adani Sportsline: दिविजा ने कहा कि पंचकूला में कांस्य पदक जीतना उनके लिए खास अनुभव है। हालांकि, वह स्वर्ण पदक जीतना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सीख लेने और आगे बेहतर खेलने की बात कही।
अब उनकी नजर चेन्नई में होने वाली WTT Youth Contender चैंपियनशिप और जालंधर में आयोजित होने वाली UTT नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता पर है। दिविजा का लक्ष्य भारतीय टेबल टेनिस में अपनी स्थिति मजबूत करना और भविष्य में देश के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतना
Adani Sportsline: निष्कर्ष: पंचकूला में कांस्य पदक जीतकर दिविजा पॉल ने भारतीय जूनियर टेबल टेनिस में अपनी मौजूदगी और मजबूत की है। राष्ट्रीय नंबर-1 रैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक और आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। अब देखना होगा कि वह चेन्नई और जालंधर में अपने प्रदर्शन को किस तरह आगे बढ़ाती हैं।