CMRL Exalogic केस (नई दिल्ली): केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को CMRL-Exalogic मामले में तत्काल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया। विजयन ने केरल हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने संभावित कठोर कार्रवाई से संरक्षण देने की भी मांग की है।
दशहरा अवकाश के बाद हो सकती है सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। उन्होंने दलील दी कि मामले में FIR दर्ज हो चुकी है और विजयन को गिरफ्तारी सहित कठोर कार्रवाई का आशंका है।
पीठ ने संकेत दिया कि मामले पर 26 अक्टूबर को अदालत दोबारा खुलने के बाद सुनवाई हो सकती है। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि न्यायाधीशों की उपलब्धता के आधार पर दशहरा अवकाश के दौरान विशेष पीठ गठित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
CMRL Exalogic केस: क्या है CMRL-Exalogic मामला?
यह मामला कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर आरोपों की जांच की मांग उठी थी। एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस का संबंध पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी से बताया गया है।
केरल हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 9 अक्टूबर को सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से पहले विशेष जांच दल (SIT) के माध्यम से प्रारंभिक जांच कराने के फैसले को भी खारिज कर दिया था। इसके बाद विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके दामाद व पूर्व मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने आदेश को चुनौती देने का प्रयास किया।
हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
15 अक्टूबर को केरल हाई कोर्ट की खंडपीठ ने विजयन और उनके परिवार के सदस्यों की अपील करने की अनुमति मांगने वाली अर्जियों को खारिज कर दिया था। इसके बाद विजयन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
मामले में भ्रष्टाचार और वित्तीय लेनदेन से जुड़े आरोपों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख और किसी अंतरिम राहत को लेकर आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।