CNG Cars India: भारत में CNG कारों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों के बीच लोग अब अधिक माइलेज और किफायती सफर की तलाश में सीएनजी वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इन कारों से पेट्रोल या डीजल के मुकाबले बेहतर माइलेज तो मिलता है, लेकिन एक असुविधा हर ड्राइवर को झेलनी पड़ती है CNG भरवाते समय कार से उतरना अनिवार्य होता है। यह नियम सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं, आखिर ऐसा क्यों करना पड़ता है।
CNG भरवाते समय कार से उतरना क्यों जरूरी होता है?
उच्च दबाव पर गैस भरना:
CNG को करीब 200 से 250 PSI (पाउंड प्रति वर्ग इंच) के दबाव पर भरा जाता है। ऐसे में जरा-सी लीक होने पर भारी विस्फोट या आग लगने का खतरा रहता है। इसलिए, कार में बैठे रहना बेहद खतरनाक हो सकता है।
गैस लीक होने पर बढ़ता खतरा:
यदि किसी कारण से गैस लीक हो जाए, तो कार के अंदर बैठे यात्रियों के लिए सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी या विस्फोट का खतरा बन सकता है। बाहर खड़े रहने से खतरे के समय तुरंत बचाव संभव होता है।
स्थैतिक बिजली का खतरा:
कार के अंदर बैठे रहने पर कपड़ों की रगड़ से घर्षण ऊर्जा बन सकती है। गैस लीक की स्थिति में यह छोटी सी चिंगारी आग का कारण बन सकती है।
गैस की गंध से स्वास्थ्य पर असर:
CNG की गंध कई लोगों को सिरदर्द, चक्कर या उल्टी जैसी समस्या दे सकती है। इसलिए, भराई के दौरान कार से बाहर रहना स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित है।
टंकी ओवरफिल होने का खतरा:
CNG टंकी का ओवरफिल होना दबाव बढ़ा सकता है, जिससे ब्लास्ट का जोखिम होता है। ड्राइवर के बाहर रहने से वह भराई प्रक्रिया पर नजर रख सकता है।