कैलिफोर्निया। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के 2026 ग्रेजुएशन समारोह में छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। पिचाई जैसे ही मुख्य वक्ता के रूप में मंच पर पहुंचे, कुछ छात्रों ने हूटिंग शुरू कर दी और दर्जनों छात्र समारोह से बाहर निकल गए। यह विरोध गूगल की इजरायली सरकार के साथ हुई विवादित ‘प्रोजेक्ट निंबस’ क्लाउड-कंप्यूटिंग और एआई डील को लेकर किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्रों ने फिलिस्तीन समर्थक झंडे लहराए और नारेबाजी की। विरोध करने वाले छात्र संगठनों का आरोप है कि प्रोजेक्ट निंबस के तहत गूगल और अमेजन द्वारा इजरायल को क्लाउड एवं एआई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका इस्तेमाल निगरानी और सुरक्षा अभियानों में हो सकता है।
बताया जा रहा है कि करीब 100 से 200 छात्रों ने योजनाबद्ध तरीके से वॉकआउट किया। हालांकि विरोध के बावजूद सुंदर पिचाई ने अपना संबोधन जारी रखा और छात्रों को आशावाद, कठिन चुनौतियों को स्वीकार करने तथा अपने जुनून का अनुसरण करने का संदेश दिया।
दिलचस्प बात यह रही कि पिचाई ने अपने भाषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर चर्चा करने से परहेज किया। हाल के महीनों में कई विश्वविद्यालयों में एआई को लेकर छात्रों की चिंताओं और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि तकनीकी कंपनियों के कारोबारी समझौते और वैश्विक राजनीतिक मुद्दे अब विश्वविद्यालय परिसरों में भी बहस और विरोध का बड़ा विषय बन चुके हैं।