ममता नई पार्टी (कोलकाता): पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे संगठनात्मक विवाद के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने अपनी नई राजनीतिक पहचान के साथ पार्टी का नया लोगो लॉन्च कर दिया है। नए लोगो में चुनाव आयोग की ओर से आवंटित ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न को प्रमुखता से जगह दी गई है। ममता गुट अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम के साथ आगामी उपचुनावों में मैदान में उतरेगा।
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न को लेकर पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ और दूसरे गुट को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है।
ममता नई पार्टी:
नए लोगो में क्या है खास?
ममता गुट की ओर से जारी नए लोगो में बीच में फुटबॉल खिलाड़ी का प्रतीक दिखाई देता है। इसके चारों ओर नीले बैकग्राउंड पर सफेद रंग में ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ लिखा गया है। लोगो के डिजाइन में केसरिया, सफेद और हरे रंग की पट्टियां भी शामिल की गई हैं। पार्टी की ओर से नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों से नए लोगो को विभिन्न मंचों पर इस्तेमाल करने और लोगों तक नई पहचान पहुंचाने को कहा गया है।
ममता नई पार्टी: दोनों गुटों को मिली अलग पहचान
निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी और अरूप रॉय से जुड़े गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम मिला है। दूसरे गुट के लिए ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। यह व्यवस्था फिलहाल उपचुनावों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम तौर पर लागू की गई है।
ममता नई पार्टी: उपचुनाव से पहले बदली राजनीतिक पहचान
पश्चिम बंगाल की कुछ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों से पहले दोनों गुटों को अपनी नई पहचान के साथ चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ना होगा। रेजीनगर सीट पर दोनों गुटों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं नंदीग्राम में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता बनर्जी ने वहां कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ममता गुट ने नए नाम और चुनाव चिह्न को जनता तक पहुंचाने की कवायद तेज कर दी है। नया लोगो जारी किया जाना इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। उधर, मूल TMC नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक से जुड़ा विवाद न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है। ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।