बुलंदशहर शिक्षक मामला: बुलंदशहर में शिक्षक की शर्मनाक हरकत: नशे में स्कूल पहुंचा, छठी के छात्र को पीटा और पंखे से लटकाया

बुलंदशहर शिक्षक मामला:उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। अनूपशहर क्षेत्र के महुआखेड़ा गांव स्थित संविलियन विद्यालय में एक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर कक्षा छह के छात्र के साथ मारपीट करने और उसे पंखे से लटकाने का आरोप लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही छात्र के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।

बताया गया कि सोमवार को शिक्षक कथित तौर पर नशे की हालत में विद्यालय पहुंचा। इसके बाद कक्षा छह के एक छात्र के साथ उसने मारपीट की। आरोप है कि शिक्षक ने छात्र को पंखे से भी लटका दिया। घटना सामने आने के बाद स्कूल में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया।

घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल पहुंचे परिजन

बुलंदशहर शिक्षक मामला:छात्र के साथ हुई कथित मारपीट की जानकारी जब उसके परिवार को मिली तो परिजन आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय परिसर में पहुंच गए। लोगों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा  बहुजन समाज पार्टी: मायावती ने आकाश आनंद को फिर दिया मौका, BSP के राष्ट्रीय संयोजक बनाए; बोलीं- अब संगठन में बार-बार बदलाव की जरूरत न पड़े

विरोध बढ़ता देख आरोपी शिक्षक मौके से फरार हो गया। घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीईओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

बुलंदशहर शिक्षक मामला:मामले की सूचना मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) गोपाल त्यागी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित अभिभावकों और ग्रामीणों को शांत कराया। बीईओ ने मामले की जांच कराने और शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी शिक्षक को निलंबित करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही।

घटना के बाद इलाके में शिक्षक के व्यवहार को लेकर नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए, लेकिन इस तरह की घटना से अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

बुलंदशहर शिक्षक मामला:फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय तथा कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की जिम्मेदारी और विद्यालय परिसर में अनुशासन सुनिश्चित करने की जरूरत को सामने ला दिया है।

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