साइबर फ्रॉड:अलीगढ़। शादी की बातचीत के दौरान एक युवती को बिजनेस शुरू कराने का भरोसा देना कथित तौर पर उसके लिए भारी पड़ गया। आरोप है कि युवक ने युवती से आधार कार्ड और फोटो लेने के बाद उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया और उसके नाम पर फर्म के साथ बैंक खाता भी खुलवा दिया। मामला तब सामने आया जब संदिग्ध बैंक लेनदेन की जांच के सिलसिले में पुलिस युवती के घर पहुंची।
मामला अलीगढ़ के गांधीपार्क थाना क्षेत्र का है। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वर्ष 2024 से मदापुर, बरला निवासी मनमोहित कुमार उर्फ सोनू से उसकी शादी की बात चल रही थी। इसी दौरान युवक ने बिजनेस शुरू कराने की बात कहते हुए उसके आधार कार्ड और फोटो ले लिए।
आधार में मोबाइल नंबर बदलने का आरोप
साइबर फ्रॉड:शिकायत के अनुसार, युवती के आधार रिकॉर्ड में उसके पिता के मोबाइल नंबर की जगह कथित तौर पर युवक ने अपना नंबर दर्ज करा दिया। इसके बाद युवती की जानकारी के बिना उसके नाम से एक मकान का किरायानामा भी तैयार कराया गया।
आरोप है कि आगे चलकर मैसर्स वूमेन इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बनाई गई और युवती को उसका प्रोपराइटर दर्शाया गया। फर्म के लिए जीएसटी पंजीकरण भी कराया गया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा की सासनी गेट शाखा में उसके नाम से चालू खाता खोला गया।
खाली चेक पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
साइबर फ्रॉड:युवती का आरोप है कि उसे वास्तविक कारोबार की जानकारी नहीं थी। इसके बावजूद उससे कुछ खाली चेक पर हस्ताक्षर कराए गए और खाते का संचालन कथित तौर पर आरोपी युवक करता रहा।
मामला तब सामने आया जब खाते में हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच के सिलसिले में कन्नौज पुलिस युवती के घर पहुंची। पुलिस की पूछताछ के बाद युवती को पता चला कि उसके नाम पर फर्म और बैंक खाता संचालित किया जा रहा है।
साइबर फ्रॉड:युवती ने किसी भी संदिग्ध लेनदेन में अपनी भूमिका से इनकार किया और इसके बाद जीएसटी पंजीकरण तथा बैंक खाता बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
साइबर फ्रॉड:मामले की जानकारी मिलने के बाद युवती ने गांधीपार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा के अनुसार आरोपी की तलाश की जा रही है।
यह मामला एक बार फिर आधार कार्ड, फोटो, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां किसी को देने से पहले सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है। पहचान संबंधी दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल होने पर पीड़ित व्यक्ति को कानूनी और वित्तीय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
साइबर फ्रॉड:फिलहाल पुलिस दस्तावेजों के इस्तेमाल, फर्म के पंजीकरण, बैंक खाते और उसमें हुए लेनदेन की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।