Lokbhavan news :- लोकभवन से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर कारागार विभाग से जुड़े एक अनुभाग अधिकारी दिनेश सिंह की कथित तस्वीर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। तस्वीर को लेकर यह आरोप लगाया जा रहा है कि अधिकारी कार्यालय समय के दौरान सरकारी कार्यालय में सोते नजर आए। हालांकि इस तस्वीर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बाद सचिवालय में अधिकारियों की कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि संबंधित अधिकारी लोकभवन की सातवीं मंजिल पर तैनात हैं और कार्यालय समय में सोने का मामला सामने आया है।
वायरल तस्वीर को लेकर उठे सवाल
वायरल हो रहे दावे में कहा गया है कि जब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे होते हैं तब कार्यालय में ड्यूटी के दौरान सोने जैसी स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर सकती है।
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हालांकि किसी भी वायरल तस्वीर के आधार पर किसी अधिकारी के खिलाफ आरोप को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। तस्वीर कब की है और किस परिस्थिति में ली गई है इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आधिकारिक रिकॉर्ड में अलग स्थिति
उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की आधिकारिक वेबसाइट पर लोकभवन में विभागीय अधिकारियों की सूची उपलब्ध है। वेबसाइट पर सातवीं मंजिल से जुड़े कई अधिकारियों के नाम और पद दर्ज हैं। उपलब्ध सूची में कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग के विभिन्न अनुभाग अधिकारियों के नाम भी दिए गए हैं।
ऐसे में वायरल दावे में बताए गए पद और वर्तमान आधिकारिक रिकॉर्ड की स्थिति की भी पुष्टि किया जाना जरूरी है।
जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी
सोशल मीडिया पर किसी सरकारी अधिकारी की तस्वीर या वीडियो वायरल होने के बाद उसके आधार पर लगाए गए आरोपों की विभागीय स्तर पर जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि तस्वीर वास्तविक है और कार्यालय समय के दौरान की है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को मामले की परिस्थितियों की जांच करनी चाहिए।
वहीं यदि तस्वीर पुरानी है या उसके संदर्भ को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है तो इसकी स्थिति भी स्पष्ट होना जरूरी है।
फिलहाल दिनेश सिंह के खिलाफ लगाए जा रहे इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए वायरल तस्वीर और उससे जुड़े आरोपों को लेकर विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।