DGP Siddh Nath Gupta: पश्चिम बंगाल के DGP सिद्धनाथ गुप्ता को दूसरी बार सेवा विस्तार, केंद्र ने 6 महीने बढ़ाया कार्यकाल

DGP Siddh Nath Gupta (कोलकाता): पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता के कार्यकाल को केंद्र सरकार ने एक बार फिर छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। 1992 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अधिकारी सिद्धनाथ गुप्ता को इस साल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का पुलिस प्रमुख नियुक्त किया गया था। अब नए आदेश के बाद वह 31 अक्टूबर 2026 के बाद भी छह महीने तक इस पद पर बने रहेंगे।

केंद्र सरकार की ओर से लिया गया यह फैसला गुप्ता को मिला दूसरा सेवा विस्तार है। कार्मिक मंत्रालय से जुड़े आदेश के अनुसार नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति ने गृह मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें सिद्धनाथ गुप्ता की सेवा 31 अक्टूबर 2026 के बाद छह महीने बढ़ाने की सिफारिश की गई थी। यह विस्तार जनहित में अखिल भारतीय सेवा नियम, 1958 के नियम 16(1) में छूट देते हुए किया गया है।

DGP Siddh Nath Gupta: सिद्धनाथ गुप्ता को मार्च 2026 में पश्चिम बंगाल का DGP नियुक्त किया गया था। विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और बदलाव किए थे। इसी प्रक्रिया के तहत गुप्ता को राज्य पुलिस की कमान सौंपी गई थी।

गुप्ता की सेवानिवृत्ति पहले 30 अप्रैल 2026 को होनी थी। हालांकि, विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के बीच केंद्र ने उनके कार्यकाल को पहली बार छह महीने के लिए बढ़ाया था। उस समय उन्हें अक्टूबर के अंत तक पद पर बने रहने की अनुमति मिली थी। अब नए फैसले के बाद उनका कार्यकाल अप्रैल 2027 तक जारी रहने की संभावना है।

Vote Chori: राहुल के विरोध-प्रदर्शन के बाद EC का बड़ा एक्शन, ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित

DGP Siddh Nath Gupta: इस दूसरे सेवा विस्तार के बीच पश्चिम बंगाल के अगले स्थायी DGP को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी फिलहाल विराम लग गया है। सितंबर में ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं कि राज्य सरकार ने अगले पुलिस प्रमुख के चयन की प्रक्रिया के तहत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम केंद्र और UPSC को भेजने की तैयारी की थी। सिद्धनाथ गुप्ता का मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर के अंत में समाप्त होने वाला था।

नए विस्तार के साथ सिद्धनाथ गुप्ता अगले छह महीने तक पश्चिम बंगाल पुलिस की कमान संभालते रहेंगे। केंद्र सरकार ने यह फैसला जनहित के आधार पर लिया है। सेवा विस्तार के लिए अखिल भारतीय सेवा नियमों में विशेष छूट का भी उल्लेख किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *