Nana Patekar Death: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके अंतिम समय को लेकर मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर ने अहम जानकारी साझा की है। गोवा स्थित मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को गुरुवार सुबह अस्पताल लाया गया था, लेकिन उस समय तक उनका निधन हो चुका था। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुका था निधन
डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर को सुबह करीब 4:20 से 4:35 बजे के बीच मणिपाल अस्पताल लाया गया। इससे पहले अस्पताल की आपातकालीन टीम उनके घर पहुंची थी और वहां चिकित्सा सहायता शुरू की गई थी। अस्पताल पहुंचने के बाद भी डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
रिपोर्टों के अनुसार, नाना पाटेकर की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। उन्हें गोवा स्थित उनके आवास से अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किए जाने के बाद मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
Nana Patekar Death: मेडिको-लीगल केस दर्ज, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में नाना पाटेकर को मृत अवस्था में लाए जाने के कारण मामला मेडिको-लीगल केस (MLC) के तौर पर दर्ज किया गया। पुलिस को इसकी जानकारी दी गई और उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टों में उनकी मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। हालांकि डॉक्टर के बयान में मृत्यु की परिस्थितियों और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है, जबकि अंतिम कानूनी एवं चिकित्सकीय प्रक्रिया पोस्टमार्टम के बाद पूरी होगी।
चार दशक से ज्यादा का शानदार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई दशकों तक काम किया। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। उन्होंने अभिनय के साथ निर्देशन में भी काम किया और भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और देशभर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला शुरू हो गया है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और कई अन्य सार्वजनिक हस्तियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी अभिनय शैली और दमदार प्रस्तुतियों को लंबे समय तक याद किया जाएगा।