12th fail :- नई दिल्ली। आमतौर पर 12वीं कक्षा में फेल होना किसी भी छात्र के लिए बड़ा झटका माना जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश के मुरैना से आने वाले मनोज कुमार शर्मा ने इसी असफलता को अपनी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट बना दिया। कभी टेम्पो चलाकर तो कभी लाइब्रेरी में चपरासी का काम करके पढ़ाई का खर्च निकालने वाले मनोज ने आखिरकार UPSC Civil Services Examination पास की और 2005 बैच के IPS अधिकारी बने। उनकी जिंदगी की कहानी पर बनी फिल्म 12th Fail ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।
12th fail 12वीं में हुए फेल तो बदल गई जिंदगी
मनोज कुमार शर्मा का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बिलगांव में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई में उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। 9वीं और 10वीं में उन्होंने थर्ड डिवीजन से परीक्षा पास की। इसके बाद 12वीं की परीक्षा में वह हिंदी को छोड़कर बाकी विषयों में फेल हो गए।
उनकी जिंदगी में यह असफलता एक बड़ा मोड़ साबित हुई। परीक्षा के दौरान एक SDM ने नकल पर सख्ती की थी। मनोज ने उसी अधिकारी को देखकर तय किया कि वह भी एक दिन अधिकारी बनेंगे। शुरुआत में उनका लक्ष्य SDM बनने का था लेकिन आगे चलकर उन्हें UPSC और IAS-IPS जैसी सेवाओं के बारे में जानकारी मिली।
12th fail पेट पालने के लिए चलाया टेम्पो और किया चपरासी का काम
मनोज के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक स्थिति थी। परिवार की हालत ऐसी थी कि पढ़ाई जारी रखना भी आसान नहीं था। उन्होंने ग्वालियर में टेम्पो चलाकर पैसे कमाए। बाद में UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली पहुंचे तो मुखर्जी नगर में रहकर लाइब्रेरी में चपरासी का काम भी किया।
उनके संघर्ष की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पढ़ाई और रहने का खर्च निकालने के लिए उन्होंने अलग-अलग छोटे-मोटे काम किए। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि उन्होंने लोगों के कुत्ते घुमाने और उनकी देखभाल जैसे काम भी किए।
तीन बार मिली असफलता फिर भी नहीं मानी हार
UPSC की तैयारी के दौरान मनोज को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा। पहली कोशिश में उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली लेकिन मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो सके। दूसरी और तीसरी कोशिश में भी उन्हें सफलता नहीं मिली।
इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी। आखिरकार 2005 में चौथे प्रयास में उन्होंने UPSC Civil Services Examination पास कर ली। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 121 मिली और उनका चयन IPS के लिए हुआ। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला।
कैसे बने IPS अधिकारी
UPSC में चयन के बाद मनोज शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पूरा किया। 22 अगस्त 2005 को वह IPS अधिकारी बने। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं।
उन्होंने असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस से लेकर DCP और एडिशनल कमिश्नर जैसे पदों पर काम किया। 2024 में उन्हें IG रैंक पर पदोन्नति मिली। ताजा Jagran रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें मुंबई में Joint Commissioner of Police के पद पर नियुक्त किया गया है।
पत्नी श्रद्धा जोशी ने भी दिया साथ
मनोज शर्मा की जिंदगी में उनकी पत्नी श्रद्धा जोशी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। दोनों की मुलाकात UPSC की तैयारी के दौरान हुई थी। श्रद्धा ने संघर्ष के दौर में मनोज का हौसला बढ़ाया और उन्हें अपने लक्ष्य पर टिके रहने के लिए प्रेरित किया।
श्रद्धा जोशी खुद भी सिविल सेवा में सफल हुईं और IRS अधिकारी बनीं। दोनों की कहानी पर आधारित कई प्रसंग फिल्म 12th Fail में भी दिखाए गए हैं।
12th Fail ने देशभर में दिलाई पहचान
मनोज शर्मा की जिंदगी पर लेखक अनुराग पाठक की किताब Twelfth Fail लिखी गई। इसी कहानी से प्रेरित होकर निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने 2023 में 12th Fail फिल्म बनाई। फिल्म में विक्रांत मैसी ने मनोज शर्मा का किरदार निभाया था।
फिल्म के बाद मनोज शर्मा की संघर्ष की कहानी देशभर के युवाओं तक पहुंची। उनकी कहानी ने यह संदेश दिया कि परीक्षा में मिली असफलता को जिंदगी की अंतिम हार नहीं माना जाना चाहिए।
क्या है मनोज शर्मा की सफलता का मंत्र
मनोज शर्मा की कहानी का सबसे बड़ा संदेश लगातार प्रयास करना है। 12वीं में असफल होने के बाद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी। आर्थिक परेशानियों के बावजूद छोटे-मोटे काम करते हुए तैयारी जारी रखी। UPSC में तीन असफल प्रयासों के बाद भी उन्होंने चौथी कोशिश की और सफलता हासिल की।
उनका सफर बताता है कि कमजोर आर्थिक स्थिति या किसी परीक्षा में असफलता किसी व्यक्ति के भविष्य की अंतिम सीमा तय नहीं करती। लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहे तो परिस्थितियों को बदला जा सकता है।