यूपी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी में 455 लेखपालों को मिला प्रमोशन, राजस्व निरीक्षक बने
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। चयन वर्ष 2025-26 के तहत प्रदेश के 455 लेखपालों को पदोन्नति देकर राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो बनाया गया है। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह निर्णय लिया। पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के आदेश जल्द जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से पूरी हुई पदोन्नति
राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा के अनुसार, पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई। पात्रता मानकों और कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों की जांच के बाद 455 लेखपालों को पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया।
ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया से चयन में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित समय में कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया। इससे विभागीय स्तर पर पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यूपी सरकार का बड़ा फैसला: राजस्व प्रशासन को मिलेगी मजबूती
राजस्व निरीक्षक तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी जिम्मेदारियों में राजस्व अभिलेखों की निगरानी, भूमि संबंधी मामलों की प्रक्रिया और लेखपालों के कार्यों का पर्यवेक्षण शामिल है।
455 कर्मचारियों की पदोन्नति से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे तहसील स्तर पर प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने और राजस्व संबंधी कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की संभावना है।
भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में तेजी की उम्मीद
प्रदेश में जमीन की पैमाइश, राजस्व अभिलेखों के रखरखाव और अन्य भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में राजस्व विभाग की अहम भूमिका होती है। ऐसे में पदोन्नत कर्मचारियों की तैनाती के बाद विभागीय कार्यों की निगरानी बेहतर होने और लंबित प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते रहे हैं। इसी दिशा में ऑनलाइन डीपीसी को कार्मिक प्रबंधन में तकनीक के उपयोग की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
यूपी सरकार का बड़ा फैसला: अब तैनाती आदेश का इंतजार
पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब संबंधित कर्मचारियों की तैनाती के आदेश जारी होने हैं। इसके बाद वे राजस्व निरीक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभाल सकेंगे।
सरकार के इस फैसले से राजस्व विभाग में पदोन्नति पाने वाले 455 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। साथ ही, तैनाती के बाद तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर इसका असर देखने को मिल सकता है।