Lumpy Skin Disease: जम्मू-कश्मीर के डोडा में लंपी वायरस के 300 से ज्यादा मामले, पशुपालन विभाग ने तेज किया टीकाकरण अभियान

डोडा में लंपी वायरस के 300 से अधिक मामले, पशुओं को बचाने के लिए टीकाकरण अभियान तेज

Lumpy Skin Disease: डोडा,( जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) के 300 से अधिक मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग ने बीमारी पर नियंत्रण के प्रयास तेज कर दिए हैं। विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और पशुधन को सुरक्षित रखा जा सके।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस (IANS) की 9 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सामने आए मामलों के मद्देनजर पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है। पशुओं के स्वास्थ्य पर निगरानी रखने और बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

क्या है लंपी स्किन डिजीज?

Lumpy Skin Disease: लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से गाय और भैंस जैसे मवेशियों को प्रभावित करती है। इस बीमारी में पशुओं को बुखार आ सकता है और उनकी त्वचा पर गांठें दिखाई दे सकती हैं। कुछ पशुओं में कमजोरी, भूख कम लगना और दूध उत्पादन में गिरावट जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

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यह बीमारी मुख्य रूप से खून चूसने वाले कीटों और अन्य वाहकों के जरिए फैल सकती है। इसलिए प्रभावित पशुओं की समय पर पहचान, उचित देखभाल और पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार टीकाकरण महत्वपूर्ण माना जाता है।

पशुपालन विभाग ने तेज किया टीकाकरण अभियान

Lumpy Skin Disease: डोडा में मामलों की संख्या बढ़ने के बाद पशुपालन विभाग ने टीकाकरण गतिविधियों को तेज किया है। बीमारी की रोकथाम के लिए पशुओं की निगरानी, संदिग्ध मामलों की पहचान और पशुपालकों को जागरूक करने जैसे कदम अहम हैं।

टीकाकरण के साथ-साथ पशुओं को स्वस्थ रखने और संक्रमण की आशंका वाले पशुओं को अलग रखने पर भी ध्यान देना जरूरी है। पशुपालकों को सलाह दी जाती है कि वे पशुओं में बुखार या त्वचा पर गांठें दिखने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।

पशुपालकों की चिंता बढ़ी

Lumpy Skin Disease: पशुओं में बीमारी फैलने से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान का खतरा रहता है। खासतौर पर दूध उत्पादन में कमी या पशुओं के बीमार होने से उनकी रोजाना की आय प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बीमारी की समय पर पहचान और उपचार पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पशुओं के बाड़े की साफ-सफाई बनाए रखना, कीट नियंत्रण के उपाय अपनाना और नए या संदिग्ध पशुओं को कुछ समय तक अलग रखना संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।

बीमारी पर नियंत्रण के लिए निगरानी जरूरी

Lumpy Skin Disease: लंपी स्किन डिजीज से निपटने के लिए टीकाकरण, निगरानी और प्रभावित पशुओं की देखभाल को साथ-साथ चलाना जरूरी है। भारत सरकार का पशुपालन एवं डेयरी विभाग भी बीमारी की रोकथाम के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ टीकाकरण, निगरानी तथा नियंत्रण उपायों पर समन्वय करता है।

डोडा में आगे बीमारी की स्थिति किस तरह बदलती है, यह निगरानी और रोकथाम के उपायों की प्रभावशीलता पर निर्भर करेगा।

Lumpy Skin Disease: निष्कर्ष: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लंपी स्किन डिजीज के 300 से अधिक मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान तेज किया है। पशुओं की नियमित निगरानी, समय पर पशु चिकित्सा सहायता और संक्रमण से बचाव के उपाय बीमारी पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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