इजरायल का बड़ा फैसला: फ्लाईदुबई घटना के बाद सख्ती, 31 देशों के नागरिकों पर लागू हो सकते हैं प्रतिबंध
(नई दिल्ली): फ्लाईदुबई की एक उड़ान से जुड़ी सुरक्षा घटना के बाद इजरायल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और केबिन क्रू को लेकर नियमों का सख्ती से पालन कराने की प्रक्रिया शुरू की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जिन देशों के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहां की नागरिकता रखने वाले पायलटों और क्रू मेंबर्स को इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों में ड्यूटी करने से रोका जा सकता है। इस सूची में पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम बहुल देश शामिल बताए जा रहे हैं। यह प्रतिबंध धर्म के आधार पर घोषित नहीं किया गया है, बल्कि राष्ट्रीयता और राजनयिक संबंधों से जुड़ा बताया गया है।
किन देशों के नाम सामने आए हैं?
मीडिया रिपोर्टों में सामने आई एक सूची के अनुसार, प्रभावित देशों में ये नाम शामिल हैं:
- अफगानिस्तान
- अल्जीरिया
- बांग्लादेश
- ब्रुनेई
- कोमोरोस
- क्यूबा
- जिबूती
- इंडोनेशिया
- ईरान
- इराक
- कुवैत
- लेबनान
- लीबिया
- मलेशिया
- मालदीव
- माली
- मॉरिटानिया
- नाइजर
- उत्तर कोरिया
- ओमान
- पाकिस्तान
- कतर
- सऊदी अरब
- सोमालिया
- सूडान
- सीरिया
- ट्यूनीशिया
- वेनेजुएला
- यमन
यह सूची यूनाइटेड एयरलाइंस के एक कथित आंतरिक मेमो पर आधारित मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित 29 देशों के नामों की है। कुछ अन्य रिपोर्टों में प्रतिबंध के दायरे में 31 देशों का उल्लेख किया गया है। इसलिए सभी 31 देशों की एक समान और अंतिम आधिकारिक सूची सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
इजरायल का बड़ा फैसला: फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ था?
रिपोर्टों के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में एक ओमानी सह-पायलट पर विमान के कप्तान पर हमला करने और विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश करने का आरोप लगा। घटना के बाद विमानन सुरक्षा व्यवस्था और विदेशी क्रू की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठे।
इसके बाद इजरायल ने विदेशी एयरलाइंस को क्रू की राष्ट्रीयता से संबंधित नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। हालांकि, घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों और जांच के निष्कर्षों को आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम माना जाना चाहिए।
एयर फ्रांस और दूसरी एयरलाइंस पर क्या असर पड़ा?
रिपोर्टों के अनुसार, एयर फ्रांस ने इजरायल के नियमों का पालन करने की पुष्टि की है। यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी क्रू शेड्यूलिंग में संबंधित प्रतिबंधों को ध्यान में रखने की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाई है। चेक एयरलाइन स्मार्टविंग्स ने भी कहा है कि उसे इजरायली निर्देश मिले हैं, हालांकि उसने बताया कि उस समय तक उसके संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा था।
इजरायल का बड़ा फैसला: दोहरी नागरिकता रखने वाले क्रू भी प्रभावित हो सकते हैं
रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रतिबंध संबंधित देशों की नागरिकता रखने वाले लोगों पर लागू हो सकते हैं, भले ही उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता भी हो। इससे अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के क्रू शेड्यूल और उड़ानों की योजना प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल यह ध्यान रखना जरूरी है कि खबर का संबंध इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों में क्रू की तैनाती से है। इसे सभी मुस्लिम देशों के नागरिकों पर सामान्य यात्रा प्रतिबंध के रूप में नहीं समझना चाहिए। नियमों के वास्तविक दायरे और लागू होने की स्थिति के लिए इजरायली अधिकारियों तथा संबंधित एयरलाइंस की आधिकारिक जानकारी निर्णायक होगी।
सोर्स: ANI