अंकिता भंडारी केस: अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल और प्रियंका गांधी, सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के खिलाफ इंडिया गेट पर विरोध

अंकिता भंडारी केस (नई दिल्ली): उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार, 14 अक्टूबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली के इंडिया गेट पहुंचे। यहां उन्होंने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की, जो भारतीय जनता पार्टी के नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अंकिता के परिवार ने इस मामले को लेकर राहुल गांधी से संपर्क किया था। दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के बाद परिवार और कांग्रेस नेताओं की ओर से इस फैसले पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए और अंकिता मामले से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया और मामले की जांच तथा दोषियों को सजा देने की मांग उठी थी।

इस मामले में रिजॉर्ट के प्रबंधक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराया था। हालांकि, परिवार और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से मामले में कथित ‘वीआईपी’ की भूमिका से जुड़े सवाल भी उठाए जाते रहे हैं। इन आरोपों और सवालों की जांच को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

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अंकिता भंडारी केस: दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर क्यों हो रहा विरोध?

दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं और उत्तराखंड में पार्टी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अंकिता के परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए और मामले की जांच में पारदर्शिता होनी चाहिए।

दूसरी ओर, गौतम से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। आरोपों को न्यायिक रूप से स्थापित तथ्य मानने के बजाय उनकी स्थिति और जांच के आधिकारिक निष्कर्षों को ध्यान में रखना जरूरी है।

अंकिता के परिवार को न्याय की उम्मीद

इंडिया गेट पर राहुल और प्रियंका गांधी की मौजूदगी ने इस मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा में ला दिया है। परिवार की मांग है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष जांच हो और कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।

फिलहाल, राज्यपाल की नियुक्ति के विरोध और अंकिता भंडारी मामले की जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इस पूरे प्रकरण में आरोपों, राजनीतिक दावों और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

 

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