Canada Trade Minister: भारत के तेजी से बढ़ते बाजार में कनाडाई कंपनियों के लिए बड़े अवसर, व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने कही यह बात
(बेंगलुरु): कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भारत को कनाडाई कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे बाजार के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम में दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, विमानन इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इनोवेशन, स्थिरता और स्मार्ट मोबिलिटी जैसे क्षेत्र इस साझेदारी के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
बेंगलुरु में कारोबारी कार्यक्रम को किया संबोधित
मनिंदर सिद्धू ने गुरुवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कारोबारी स्वागत समारोह में ये बातें कहीं। यह कार्यक्रम भारत में चल रहे ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ का हिस्सा था। सिद्धू ने भारत के इनोवेशन और तकनीकी विकास की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की रचनात्मक क्षमता और विशेषज्ञता मिलकर नए कारोबारी अवसर पैदा कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि कनाडा की कई कंपनियां पहले से ही भारत में काम कर रही हैं। इनमें किनैक्सिस, ओपनटेक्स्ट, सीजीआई, सीएई, मैगलन एयरोस्पेस, एमडीए स्पेस और बीसीई ग्लोबल टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। उनके मुताबिक, भारतीय बाजार में कंपनियों की सफलता के लिए मजबूत कारोबारी संबंध और दीर्घकालिक साझेदारी अहम भूमिका निभाते हैं।
Canada Trade Minister: एआई से लेकर विमानन क्षेत्र तक सहयोग की संभावना
कनाडाई मंत्री ने भारत में कई ऐसे क्षेत्रों का उल्लेख किया, जहां दोनों देशों की कंपनियां मिलकर काम कर सकती हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा, विमानन इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण के अनुकूल तकनीक और स्मार्ट मोबिलिटी शामिल हैं।
सिद्धू ने बेंगलुरु एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 का दौरा करने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार की योजनाएं भारत और कनाडा की कंपनियों के बीच सहयोग की संभावनाएं दिखाती हैं। कनाडाई कंपनियां तकनीक, सुरक्षा प्रणालियों और परिवहन समाधान जैसे क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग कर सकती हैं।
300 प्रतिनिधियों के साथ भारत पहुंचा ट्रेड मिशन
कनाडा का ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ 12 से 17 अक्टूबर तक भारत में आयोजित किया जा रहा है। इस मिशन का नेतृत्व मनिंदर सिद्धू कर रहे हैं। इसमें करीब 300 कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। कनाडा सरकार के अनुसार, तीन दशकों से अधिक समय में भारत के लिए यह कनाडा के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों में से एक है।
इस मिशन का उद्देश्य भारतीय कंपनियों के साथ संपर्क बढ़ाना, कारोबारी समझौते तलाशना और दीर्घकालिक साझेदारियां विकसित करना है। प्रतिनिधिमंडल की गतिविधियां मुंबई और बेंगलुरु में केंद्रित हैं। इसमें एयरोस्पेस, स्वच्छ तकनीक, ऊर्जा परिवर्तन, सूचना एवं संचार तकनीक, जीवन विज्ञान और कृषि-खाद्य क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं।
Canada Trade Minister: अमेरिका से इतर बाजारों में कारोबार बढ़ाने की रणनीति
कनाडा भारत के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने के साथ-साथ अमेरिका के अलावा दूसरे बाजारों में भी अपना निर्यात बढ़ाना चाहता है। सिद्धू ने सोशल मीडिया पर कहा कि कनाडा अगले दशक में अमेरिका से इतर बाजारों में अपने निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस रणनीति में भारत की अहम भूमिका है।
दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत भी कर रहे हैं। इसका उद्देश्य व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना और दोनों देशों के कारोबारियों तथा कामगारों के लिए नए अवसर पैदा करना है। कनाडा ने 2030 तक भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 70 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।
भारत और कनाडा के बीच जारी कारोबारी संपर्कों से तकनीक, निवेश और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावनाएं बनी हैं। हालांकि, इन पहलों का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में होने वाले समझौतों और निवेश पर निर्भर करेगा।
सोर्स: एएनआई